के. कविता ने बनाई नई पार्टी TRS, तेलंगाना राजनीति में बड़ा बदलाव
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के. कविता ने ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ पार्टी लॉन्च कर BRS से अलग नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
कविता ने BRS पर मूल विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया और सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय पहचान व राज्य के अधिकारों को अपनी पार्टी का मुख्य एजेंडा बताया।
परिवार और पार्टी विवाद के बाद नई पार्टी बनाकर कविता ने आगामी चुनावों में नया राजनीतिक समीकरण बनाने और अलग वोट बैंक तैयार करने का संकेत दिया।
Telangana/ तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी के. कविता ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ लॉन्च कर दी है। हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी के नाम और झंडे का ऐलान किया। इस कदम को आगामी चुनावों से पहले नई रणनीति और राज्य की राजनीति में नए समीकरण के रूप में देखा जा रहा है।
नई पार्टी की घोषणा करते हुए कविता ने साफ संदेश दिया कि अब बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “तुम्हारा समय खत्म हुआ, अब हमारा समय है।” यह बयान सीधे तौर पर उनके विरोधियों और पूर्व पार्टी नेतृत्व पर निशाना माना जा रहा है।
कविता ने अपनी नई पार्टी के गठन के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) अपनी मूल विचारधारा और जनता से जुड़ाव खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब अपने शुरुआती उद्देश्यों से भटक गई है और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में असफल रही है।
BRS से उनका विवाद 2025 में खुलकर सामने आया था, जब उन्होंने अपने भाई के.टी. रामा राव (KTR) और चचेरे भाई टी. हरीश राव पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्हें एंटी-पार्टी गतिविधियों के चलते निलंबित कर दिया गया। कविता का कहना है कि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि उन्हें बाहर किया गया।
नई पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ के एजेंडे पर बात करते हुए कविता ने कहा कि यह संगठन राज्य के अधिकारों, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने के लिए काम करेगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी तेलंगाना की अस्मिता की रक्षा करेगी और विकास को नई दिशा देगी।
कविता का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने 2014 में निजामाबाद से लोकसभा चुनाव जीतकर अपनी पहचान बनाई, लेकिन 2019 में हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, उनका नाम शराब नीति से जुड़े एक विवाद में भी आया था, जिससे उनकी छवि प्रभावित हुई थी। हालांकि बाद में उन्हें कानूनी राहत मिली।
अपने संबोधन में कविता ने भावुक अंदाज में कहा कि तेलंगाना की जनता ही उनका असली परिवार है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने जीवन के दो दशक राज्य के आंदोलन और विकास के लिए समर्पित किए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह नई पार्टी तेलंगाना में आने वाले चुनावों में सत्ता समीकरण को प्रभावित कर सकती है और क्षेत्रीय राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।