प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन 2026: संस्कृति, सम्मान और निवेश
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‘मोर माटी, मोर मान’ थीम पर आयोजित सम्मेलन में प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को संस्कृति, निवेश और सम्मान के साझा मंच पर जोड़ा जाएगा।
लोककला, पारंपरिक व्यंजन और प्रतिभाओं के सम्मान के जरिए सांस्कृतिक एकता और वैश्विक पहचान को सशक्त बनाने पर जोर रहेगा।
Chhattisgarh/ छत्तीसगढ़ से बाहर रहकर भी अपनी मिट्टी से गहरा जुड़ाव रखने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को एक साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राजधानी में 27 और 28 मार्च को भव्य प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। ‘मोर माटी, मोर मान’ थीम पर नवा रायपुर में होने वाला यह दो दिवसीय आयोजन संस्कृति, निवेश, सम्मान और भविष्य की संभावनाओं को एक साथ जोड़ने का प्रयास करेगा। इस सम्मेलन को राज्य के वैश्विक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष रणनीति तैयार की गई है। देश और विदेश में रह रहे छत्तीसगढ़ मूल के लोगों को आमंत्रित करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पंजीयन पोर्टल भी विकसित किया गया है, जिससे अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
दो दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन होगा। लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कला की प्रस्तुतियां सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहेंगी। अतिथियों के स्वागत के लिए पारंपरिक वेशभूषा और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी जन्मभूमि की आत्मीयता का अनुभव हो सके।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों उद्योग, शिक्षा, विज्ञान, कला और प्रशासन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही विशेषज्ञ प्रवासी युवाओं को मार्गदर्शन देंगे और उन्हें राज्य के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।
राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रवासी उद्यमियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रवासी छत्तीसगढ़िया अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। यह सम्मेलन सांस्कृतिक एकता को सशक्त करने और छत्तीसगढ़ को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में अहम पहल साबित हो सकता है।