पश्चिम बंगाल राशन घोटाला: ED की 9 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी

Sat 25-Apr-2026,04:01 PM IST +05:30

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पश्चिम बंगाल राशन घोटाला: ED की 9 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी West-Bengal-PDS-Ration-Scam-ED-Raids
  • ईडी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता, बर्धमान और हाबड़ा में 9 ठिकानों पर पीडीएस राशन घोटाले को लेकर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की।

  • आरोपियों ने गरीबों के गेहूं को सस्ते में खरीदकर बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा और निर्यात कर करोड़ों की अवैध कमाई की।

  • जांच में बोरों की अदला-बदली कर माल की पहचान छिपाने और सप्लायर-डीलर नेटवर्क की मिलीभगत सामने आई है।

West Bengal / Kolkata :

West Bangal/ पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े कथित राशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कोलकाता, बर्धमान और हाबड़ा समेत कुल 9 ठिकानों पर की जा रही है। जांच के दायरे में निरंजन चंद्र साहा और उससे जुड़े सप्लायर, डीलर और निर्यातक शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह मामला गरीबों के लिए निर्धारित राशन, खासकर गेहूं, की बड़े पैमाने पर हेराफेरी से जुड़ा है। आरोप है कि पीडीएस के तहत वितरित होने वाले गेहूं को अवैध रूप से सस्ते दामों पर खरीदा गया और बाद में उसे खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा गया या विदेशों में निर्यात कर दिया गया। इस पूरे नेटवर्क में कई बिचौलियों की भूमिका सामने आई है।

ईडी की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर की जा रही है। यह एफआईआर 23 अक्टूबर 2020 को बसीरहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। शिकायत घोझाडांगा लैंड कस्टम्स स्टेशन के डिप्टी कमिश्नर द्वारा दी गई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर पीडीएस अनाज की हेराफेरी का आरोप लगाया गया था।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गेहूं के असली बोरों, जिन पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य सरकार के निशान होते थे, उन्हें हटाकर या बदलकर नए बोरों में भर दिया। इससे माल की पहचान छिपाई जा सके और उसे वैध दिखाकर बाजार में बेचा जा सके। इस प्रक्रिया के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई।

ईडी अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की संभावना है। इन सबूतों के आधार पर आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है, जिसमें सप्लाई चेन से लेकर निर्यात तक के सभी कड़ियों की जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के घोटाले गरीबों तक पहुंचने वाले राशन पर सीधा असर डालते हैं और सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती, बल्कि जनहित की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां या खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।