इंदौर में आंबेडकर जयंती का भव्य आयोजन, डॉ. अतुल मलिकराम के नेतृत्व में संदेश

Tue 14-Apr-2026,05:03 PM IST +05:30

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इंदौर में आंबेडकर जयंती का भव्य आयोजन, डॉ. अतुल मलिकराम के नेतृत्व में संदेश Indore-Ambedkar-Jayanti-Event-Malikram
  • इंदौर में ऑल इंडिया एससी, एसटी, ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन द्वारा डॉ. अंबेडकर जयंती पर प्रदेश स्तरीय भव्य आयोजन किया गया।

  • कार्यक्रम में बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और जरूरतमंदों को फल वितरण कर सामाजिक समरसता और सेवा का संदेश दिया गया।

  • प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अतुल मलिकराम ने अंबेडकर के “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” मंत्र को अपनाने का आह्वान किया।

Madhya Pradesh / Indore :

इंदौर/ ऑल इंडिया एससी, एसटी, ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन द्वारा नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष, राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम के नेतृत्व में प्रदेश स्तरीय डॉ. आंबेडकर जयंती का भव्य आयोजन किया गया। जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. मलिकराम का यह पहला बड़ा प्रदेशव्यापी कार्यक्रम था, जिसमें संगठन की एकजुटता और सेवा भाव की झलक देखने को मिली।

जयंती के अवसर पर फेडरेशन द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इंदौर के गीताभवन चौराहा स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आमजन और जरूरतमंदों के बीच फल वितरित कर हर्षोल्लास के साथ इस दिन को मनाया। संगठन के पदाधिकारियों ने इस दिन को समानता पर्व के रूप में मनाते हुए उनके संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अतुल मलिकराम ने बाबा साहेब के आदर्शों पर बल देते हुए कहा कि, "कोई भी संगठन बिना बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात किए आगे नहीं बढ़ सकता। आज भी यदि समाज में किसी भी स्तर पर असमानता दिखाई देती है, तो उसका मुख्य कारण बाबा साहेब के विचारों को पूर्णतः आदर्श न मानना है। हमें उनके शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो के मूल मंत्र को जीवन में उतारना होगा।"

डॉ. मलिकराम की नियुक्ति के बाद फेडरेशन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल समाज में समरसता का संदेश देना था, बल्कि पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को एक मंच पर लाना भी था। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में फेडरेशन के कार्यकर्ता और नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की, जिन्होंने डॉ. आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने की शपथ ली।