दुर्ग पुलिस के दो वायरल वीडियो से विभागीय कार्यशैली पर उठे सवाल
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दुर्ग जिले में पुलिस विभाग से जुड़े दो वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय कार्यशैली और अनुशासन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दूसरे वीडियो में कॉन्स्टेबल हत्या के प्रयास के आरोपी युवक से गले मिलते नजर आया, जिसकी जांच पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर के युवक से पैसे लेते दिखने पर विभाग ने तत्काल लाइन अटैच कर जांच शुरू कर दी है।
Durg/ Durg जिले में पुलिस विभाग से जुड़े दो अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इन वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला दुर्ग ट्रैफिक विभाग से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर Maheshwar Devangan सड़क किनारे एक युवक से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान युवक उन्हें नकद पैसे देता नजर आता है। वीडियो में कथित रूप से पैसों की गिनती से जुड़ी बातचीत भी सुनाई दे रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही लोगों ने पुलिस विभाग की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक टीआई T D Chandra ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर महेश्वर देवांगन को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वहीं दूसरा वायरल वीडियो पावर हाउस रेलवे स्टेशन क्षेत्र का बताया जा रहा है। इस वीडियो में Pramod Sahu नामक कॉन्स्टेबल एक युवक से हाथ मिलाते और गले मिलते दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार संबंधित युवक के खिलाफ Jamul थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास यानी धारा 307 के तहत मामला दर्ज है। बताया जा रहा है कि युवक फिलहाल जमानत पर बाहर है और पहले भी जेल जा चुका है।
दूसरे वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि इस मामले में अब तक विभाग की ओर से किसी अधिकारी पर कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। Prashant Kumar Paikra ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
इन दोनों घटनाओं ने पुलिस विभाग की छवि और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिसकर्मियों के आचरण में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि आम लोगों का भरोसा कायम रह सके।