दिल्ली: मोतीबाग फ्लाईओवर के पास CATS एंबुलेंस में लगी आग, ऑक्सीजन सिलेंडर फटा; बाइक जलकर खाक
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Delhi Ambulance Fire
मोतीबाग फ्लाईओवर के पास एंबुलेंस में लगी आग.
ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से बाइक भी जली.
दमकल विभाग ने आग पर पाया काबू.
Delhi / मोतीबाग फ्लाईओवर के पास गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब चलती हुई कैट्स एंबुलेंस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैली कि एंबुलेंस के अंदर रखा ऑक्सीजन सिलेंडर फट गया, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पास खड़ी एक बाइक भी आग की चपेट में आ गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। राहत की बात यह रही कि एंबुलेंस उस समय खाली थी और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के अनुसार, यह कैट्स (सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विस) एंबुलेंस सफदरजंग अस्पताल की थी। एंबुलेंस समालखा में एक मरीज को छोड़कर वापस अस्पताल लौट रही थी। शाम करीब 7:20 बजे जब वाहन धौला कुआं से मोतीबाग फ्लाईओवर के पास पहुंचा, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से कंडक्टर सीट के पास आग लग गई।
ड्राइवर ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत एंबुलेंस को सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल आया। उसने शुरुआती तौर पर आग बुझाने की कोशिश भी की, लेकिन कुछ ही सेकंड में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। इसी दौरान अंदर रखा ऑक्सीजन सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोग डर गए और इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सिलेंडर फटने के बाद पास में खड़ी एक मोटरसाइकिल में भी आग लग गई। बाइक देखते ही देखते पूरी तरह जल गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
Delhi Police ने बताया कि हादसे के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन आग बुझने के बाद रास्ता फिर से खोल दिया गया। मौके पर क्राइम टीम और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत जुटाए।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस और तकनीकी टीमें पूरे मामले की विस्तार से जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि एंबुलेंस में आग आखिर कैसे इतनी तेजी से फैली।
इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर एंबुलेंस में मरीज मौजूद होता, तो यह हादसा बेहद गंभीर रूप ले सकता था।