नौकरी के नाम पर झारखंड ले जाकर 35 युवतियों को बंधक बनाने का आरोप

Fri 08-May-2026,02:53 PM IST +05:30

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नौकरी के नाम पर झारखंड ले जाकर 35 युवतियों को बंधक बनाने का आरोप Chhattisgarh-Girls-Trapped-Jharkhand-Job-Fraud
  • छत्तीसगढ़ की करीब 35 युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर झारखंड ले जाकर कथित रूप से बंधक बनाए जाने की आशंका जताई गई।

  • एक युवती द्वारा मोबाइल संदेश भेजकर मदद मांगने के बाद मामले का खुलासा हुआ और प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

Jharkhand / Garhwa :

Garhwa/ Jharkhand के गढ़वा जिले से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार Chhattisgarh की करीब 35 युवतियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर झारखंड ले जाया गया, जहां उन्हें कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया है। घटना के सामने आने के बाद दोनों राज्यों के प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के दुर्गुकोंदल सहित आसपास के कई ग्रामीण इलाकों की युवतियों को बेहतर रोजगार और अच्छी तनख्वाह का लालच देकर बाहर ले जाया गया था। परिवारों को भरोसा दिलाया गया कि युवतियों को सुरक्षित वातावरण में काम मिलेगा, लेकिन झारखंड पहुंचने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। आरोप है कि युवतियों को गढ़वा जिले के एक स्थान पर रोककर रखा गया और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब खुटगांव की एक युवती ने किसी तरह मोबाइल फोन के जरिए अपने परिचित को संदेश भेजकर मदद मांगी। उसने बताया कि उसके साथ कई अन्य युवतियां भी वहां फंसी हुई हैं और सभी भय और तनाव में हैं। युवती के संदेश के बाद मामले की जानकारी तेजी से स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों तक पहुंची।

घटना की गंभीरता को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता Lalit Nareti ने तुरंत पहल करते हुए झारखंड प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद गढ़वा पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक की निगरानी में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है और युवतियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे मानव तस्करी या अवैध प्लेसमेंट एजेंसियों का नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेरोजगारी और आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर कई गिरोह युवाओं को निशाना बना रहे हैं। प्रशासन अब लोगों को जागरूक करने और सुरक्षित रोजगार व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।