MP में रिजल्ट के बाद बढ़ीं आत्महत्याएं, फेल होने पर छात्रों के कदम से चिंता

Thu 16-Apr-2026,04:11 PM IST +05:30

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MP में रिजल्ट के बाद बढ़ीं आत्महत्याएं, फेल होने पर छात्रों के कदम से चिंता MP-Board-Result-Student-Suicide-Mental-Stress
  • मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद छतरपुर, मुरैना और बिना में छात्रों द्वारा आत्महत्या की तीन घटनाएं सामने आईं, जिससे चिंता बढ़ी।

  • परीक्षा में असफलता और सप्लीमेंट्री आने के कारण छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा, जो इन दुखद घटनाओं का मुख्य कारण बताया जा रहा है।

Madhya Pradesh / Chhatarpur :

MP Board Result/ मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे घोषित होने के बाद छात्रों में मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हाल के दिनों में छतरपुर, मुरैना और बिना से सामने आई घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।

पहली घटना छतरपुर जिले के सुनाटी गांव की है, जहां 17 वर्षीय छात्रा शिवानी अहिरवार ने 12वीं की परीक्षा में असफल होने के बाद जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार में इस घटना के बाद शोक का माहौल है।

दूसरी घटना मुरैना जिले से सामने आई, जहां ऋतिक दंडोतिया नामक छात्र ने 12वीं में फेल होने के बाद खुद को देसी कट्टे से गोली मार ली। बताया जा रहा है कि वह भौतिकी, रसायन और गणित विषय में असफल हो गया था, जिससे वह गहरे सदमे में चला गया।

तीसरी घटना बिना क्षेत्र के ग्राम किर्रोद की है, जहां एक छात्र ने सप्लीमेंट्री आने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

इन लगातार घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों पर मानसिक दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि असफलता को जीवन का अंत नहीं माना जाना चाहिए और ऐसे समय में परिवार, शिक्षक और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, बच्चों को भावनात्मक समर्थन और सही मार्गदर्शन देने की जरूरत है। वहीं, शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार और काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता बताई जा रही है।

यह घटनाएं एक चेतावनी हैं कि केवल अंक आधारित मूल्यांकन से आगे बढ़कर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।