प्रधानमंत्री मोदी ने विधायी संस्थाओं में महिलाओं के आरक्षण पर जोर दिया
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
PM-Modi-Women-Reservation-Legislative
पीएम मोदी ने विधायी संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाने की बात कही।
महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और निर्णय प्रक्रिया में विविधता लाने के लिए इस आरक्षण को शीघ्र लागू करना जरूरी है।
Delhi/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण पर अपनी मजबूत राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को और अधिक जीवंत और सहभागी बनाने के लिए यह समय की मांग है कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व मिले।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हाल ही में प्रकाशित ओप-एड आलेख में लिखा कि महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण को लागू करने में किसी भी तरह की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की भागीदारी से न केवल निर्णय प्रक्रिया में विविधता आएगी, बल्कि लोकतंत्र की सशक्तता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) प्लेटफॉर्म पर कहा, “महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण समय की मांग है! इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक जीवंत एवं सहभागी बनेगा। इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी तरह की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी। इसी को लेकर मैंने अपने विचार इस आलेख में साझा किए हैं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह आरक्षण शीघ्र लागू किया जाता है, तो भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण सुधार होगा। इससे सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर महिलाओं की दृष्टिकोण और अनुभव निर्णय प्रक्रियाओं में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल को देशभर में व्यापक समर्थन मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक और समयोचित कदम मान रहे हैं।