भारत-सऊदी व्यापार वार्ता, आपूर्ति श्रृंखला और FTA पर जोर
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पीयूष गोयल और सऊदी वाणिज्य मंत्री के बीच वर्चुअल बैठक, आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
India Saudi Trade/ भारत और सऊदी अरब के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री Majid bin Abdullah Al Qasabi के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान पीयूष गोयल ने हाल ही में घोषित युद्धविराम का स्वागत करते हुए आशा जताई कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा स्थापित होगी। उन्होंने सऊदी अरब के लोगों के साहस और प्रतिबद्धता की सराहना की, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखा।
उन्होंने वर्तमान संघर्ष के दौरान हुए हमलों की निंदा करते हुए सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए सऊदी सरकार की सराहना की।
दोनों पक्षों ने माना कि क्षेत्रीय संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव पड़ा है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि व्यापार प्रवाह सामान्य हो सके।
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत सरकार ने सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र में निर्यात को समर्थन देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को स्थिर बनाए रखना और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाना है।
बैठक में दोनों मंत्रियों ने भारत-जीसीसी (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी चर्चा की और इसमें शीघ्र प्रगति की उम्मीद जताई। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और सऊदी अरब के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाएंगे, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता में भी योगदान देंगे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।