INS त्रिकंद मोम्बासा पहुंचा, भारत-केन्या नौसैनिक सहयोग मजबूत
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भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद केन्या के मोम्बासा पहुंचा, जिससे भारत और केन्या के बीच समुद्री सहयोग और रणनीतिक संबंध मजबूत होंगे।
तैनाती के दौरान दोनों देशों के बीच व्यावसायिक, सांस्कृतिक और सैन्य गतिविधियां आयोजित होंगी, जिससे आपसी समन्वय और विश्वास को बढ़ावा मिलेगा।
New Delhi/ भारतीय नौसेना का अग्रणी निर्देशित मिसाइल युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद 7 अप्रैल 2026 को केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पहुंचा। दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में जारी तैनाती के तहत इस यात्रा का उद्देश्य भारत और केन्या के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना है। इस मौके पर नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी केन्या पहुंचे, जिससे इस यात्रा का महत्व और बढ़ गया है।
इस तैनाती के दौरान पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ कृष्णा स्वामीनाथन भी केन्या दौरे पर पहुंचे। उनके नेतृत्व में दोनों देशों के बीच रणनीतिक और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना और केन्या रक्षा बलों के बीच कई व्यावसायिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यक सामग्री भी केन्या रक्षा बलों को सौंपी जाएगी, जिससे आपसी सहयोग और विश्वास को मजबूती मिलेगी।
युद्धपोत के कमांडिंग ऑफिसर केन्या के वरिष्ठ सरकारी और सैन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, जिसमें समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा होगी।
मोम्बासा से प्रस्थान से पहले आईएनएस त्रिकंद केन्या नौसेना के साथ एक पैसेज एक्सरसाइज (पासेक्स) में भाग लेगा। इस संयुक्त अभ्यास के जरिए दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय और अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैनाती हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पहल भारत के ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास को सुनिश्चित करना है।