भारत-पेरू व्यापार वार्ता में प्रगति, सातवें दौर की बैठक नई दिल्ली में संपन्न
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दोनों देशों ने सेवाओं, वस्तुओं, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा जैसे क्षेत्रों में संतुलित समझौते पर आगे बढ़ने की सहमति जताई।
व्यापार 66 मिलियन डॉलर से बढ़कर 3.68 बिलियन डॉलर पहुंचा, अगले दौर की वार्ता जून 2024 में संभावित निर्धारित की गई।
New Delhi/ भारत और पेरू के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (FTA) को लेकर सातवें दौर की वार्ता 8 से 11 अप्रैल 2024 तक नई दिल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस वार्ता में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने, सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग और निवेश अवसरों को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की।
वार्ता के दौरान भारत की ओर से वाणिज्य विभाग के वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि भारत और पेरू के बीच राजनयिक संबंध 1960 के दशक से मजबूत होते आए हैं। उन्होंने 2023 में हुई उच्चस्तरीय बैठकों और सीआईआई इंडिया-एलएसी सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों ने व्यापार वार्ता को नई गति दी है।
मुख्य वार्ताकार और अपर सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि दो महीनों के भीतर दो दौर की वार्ता होना दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी की इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने फास्ट-ट्रैक और परिणाम आधारित वार्ता प्रक्रिया की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पेरू के राजदूत जेवियर मैनुअल पॉलिनिच वेलार्डे ने कहा कि हाल की वार्ताओं ने दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक आधार तैयार किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समझौता भविष्य में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
विदेश मंत्रालय के अपर सचिव जी. वी. श्रीनिवास ने वार्ता की नियमितता और कम अंतराल में बातचीत को सकारात्मक कदम बताया। वहीं पेरू के मुख्य वार्ताकार गेरार्डो एंटोनियो मेजा ग्रिलो ने कहा कि 2019 के बाद वार्ता का फिर से शुरू होना दोनों देशों की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस सातवें दौर की वार्ता में वस्तुओं के व्यापार, सेवाओं, निवेश, उत्पत्ति के नियम, स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता उपाय, तकनीकी व्यापार बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, व्यापार सुविधा, कानूनी ढांचा और विवाद समाधान जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
दोनों पक्षों के लगभग 60 प्रतिनिधियों ने इस वार्ता में हिस्सा लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वाणिज्य विभाग, डीजीएफटी, राजस्व विभाग और उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग के अधिकारी शामिल थे। वहीं पेरू की ओर से विदेश व्यापार एवं पर्यटन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित रहे।
वार्ता के दौरान कई मुद्दों पर आपसी सहमति बनी और लंबित विषयों पर आगे चर्चा जारी रखने पर सहमति व्यक्त की गई। दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने और संतुलित समझौते की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
आंकड़ों के अनुसार, पेरू लैटिन अमेरिका में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। 2003 में जहां द्विपक्षीय व्यापार 66 मिलियन डॉलर था, वहीं 2023 में यह बढ़कर लगभग 3.68 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
अगले दौर की वार्ता जून 2024 में संभावित है, जिसके पहले वर्चुअल माध्यम से अंतर-सत्रीय चर्चा आयोजित की जाएगी ताकि लंबित मुद्दों को सुलझाया जा सके और समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति हो सके।