पन्ना में नरवाई जलाने पर सख्ती, 19 किसानों पर कार्रवाई, प्रशासन अलर्ट
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Panna-Stubble-Burning-Action-Farmers
पन्ना प्रशासन ने नरवाई जलाने पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए 19 किसानों पर कार्रवाई की, गुनौर क्षेत्र में सबसे अधिक मामले दर्ज हुए।
अमानगंज के पिपरवाह गांव में ग्रामीणों ने खुद आगे आकर पराली जलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश की।
Panna/ Panna जिले में पर्यावरण संरक्षण और भूमि की उर्वरता बचाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर Usha Parmar के निर्देश पर नरवाई (पराली) जलाने के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी गई है। इसी के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले 19 किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है, जिससे जिलेभर में प्रशासन की सख्ती का संदेश गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर गुनौर क्षेत्र में देखने को मिला, जहां अकेले 17 मामलों में किसानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा पन्ना, सुनहरा और जरूआपुर क्षेत्रों में भी नरवाई जलाने के मामलों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अमानगंज क्षेत्र में भी प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
इस सख्ती के बीच अमानगंज का ग्राम पिपरवाह एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है। यहां के ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए स्वयं आगे आकर पराली जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। प्रशासन ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य गांवों के लिए प्रेरणादायक बताया है।
कृषि विभाग ने भी किसानों को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नरवाई जलाना न केवल वायु प्रदूषण को बढ़ाता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचाता है। इससे जमीन के जरूरी पोषक तत्व और लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे भविष्य की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
विभाग ने किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों जैसे स्ट्रॉ रीपर और हैप्पी सीडर के उपयोग की सलाह दी है, जिससे बिना जलाए पराली का प्रबंधन किया जा सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसान इन तकनीकों को अपनाने के बजाय आग का सहारा लेते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत मिला है कि पर्यावरण और कृषि भूमि की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पन्ना प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और टिकाऊ खेती की दिशा में कदम बढ़ाएं।