जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसा: 29 यात्री सवार, तेज तूफान में नाव पलटी, कई लापता | CM मोहन यादव ने मुआवजे का ऐलान
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Jabalpur Cruise Accident
बरगी डैम में तेज तूफान के बीच क्रूज हादसा.
15 लोग सुरक्षित, कई अब भी लापता.
Jabalpur / मध्यप्रदेश के जबलपुर में 30 अप्रैल का दिन एक दर्दनाक हादसे के रूप में दर्ज हो गया, जब बरगी डैम में यात्रियों से भरा एक क्रूज अचानक तेज आंधी-तूफान की चपेट में आकर पलट गया और डूब गया। यह हादसा उस समय हुआ जब क्रूज नर्मदा नदी के बैकवॉटर के गहरे हिस्से में पहुंच चुका था। अचानक मौसम ने करवट बदली, तेज हवाएं चलने लगीं और ऊंची लहरों ने क्रूज का संतुलन बिगाड़ दिया, जिससे यह भयावह दुर्घटना हो गई।
हादसे के समय क्रूज में कुल 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नाविकों और प्रशासन की तत्परता से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 6 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, अभी भी कई लोग लापता हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही SDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। गोताखोरों की मदद से पानी के भीतर खोज अभियान चलाया जा रहा है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मौके पर जबलपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि मौसम विभाग ने पहले ही जबलपुर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद क्रूज संचालन को रोका नहीं गया और पर्यटकों से भरे इस क्रूज को नदी में जाने की अनुमति दे दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सतर्कता बरती जाती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है और हर संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस घटना में हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक है और सरकार हर स्तर पर पीड़ितों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या सुरक्षा मानकों और मौसम चेतावनियों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जब तक ऐसे मामलों में जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति का खतरा बना रहेगा।