झारखंड एयर एंबुलेंस हादसा: अमृतसर के पायलट स्वरजदीप सिंह की मौत से मातम

Tue 24-Feb-2026,09:05 PM IST +05:30

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झारखंड एयर एंबुलेंस हादसा: अमृतसर के पायलट स्वरजदीप सिंह की मौत से मातम Jharkhand Air Crash: Amritsar Pilot Death
  • झारखंड एयर क्रैश में अमृतसर के पायलट की मौत.

  • लैंडिंग के बाद कॉल का इंतजार करता रहा परिवार.

  • चार महीने के बेटे और पत्नी को छोड़ गए स्वरजदीप.

Punjab / Amritsar :

Amritsar / अमृतसर के सुल्तानविंड रोड स्थित गोबिंद नगर इलाके में सोमवार रात गहरा सन्नाटा और मातम छा गया, जब 31 वर्षीय पायलट स्वरजदीप सिंह की झारखंड में एयर एंबुलेंस हादसे में मौत की खबर घर पहुंची। मेडिकल इमरजेंसी फ्लाइट पर गया विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें सवार कोई भी जीवित नहीं बच सका। इस दर्दनाक खबर ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया।

स्वरजदीप ने सात महीने पहले ही नई दिल्ली की एक निजी मेडिकल एविएशन कंपनी जॉइन की थी। बचपन से ही उनका सपना पायलट बनने का था। परिवार के मुताबिक, एविएशन कोर्स पूरा करने के बाद उन्हें लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली। उस दौरान उन्होंने हार नहीं मानी और ट्यूशन पढ़ाकर खुद को संभाला। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं से जुड़ी कंपनी में नौकरी मिल गई।

दो साल पहले उनकी शादी हुई थी और उनका चार महीने का एक मासूम बेटा है। पिता अमरीक सिंह ने भारी मन से बताया कि स्वरजदीप दो दिन पहले ही ड्यूटी पर गए थे। सोमवार शाम करीब 6 बजे उन्होंने अपनी मां से फोन पर बात की थी और कहा था कि लैंडिंग के बाद दोबारा कॉल करेंगे। परिवार के लिए यह उनका रोज़ का नियम था—उड़ान से पहले और लैंडिंग के बाद घर जरूर फोन करना।

परिवार रात 7 बजे से उनके फोन का इंतजार करता रहा, लेकिन कॉल नहीं आया। करीब 10 बजे तक उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो चुका था। इसी बीच पिता ने टीवी चालू किया तो एयर क्रैश की खबरें चल रही थीं। जब मृतकों की सूची में अपने बेटे का नाम देखा तो परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

मोहल्ले में जैसे ही रात करीब साढ़े दस बजे यह खबर फैली, लोग घर के बाहर जुटने लगे। रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था, पड़ोसी भी स्तब्ध थे। हर कोई यही कह रहा था कि स्वरजदीप बेहद मेहनती और शांत स्वभाव के थे। परिवार ने बताया कि वह ज्यादा समय तक घर से दूर नहीं रहना चाहते थे और अमृतसर में ही किसी एविएशन कंपनी में काम करने की कोशिश कर रहे थे, ताकि परिवार के साथ रह सकें।

अब घर में चार महीने के बेटे की किलकारियों की जगह सन्नाटा है। पत्नी और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि जिस बेटे ने बड़े सपनों के साथ उड़ान भरी थी, वह हमेशा के लिए खामोश हो गया।

स्वरजदीप का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह अमृतसर पहुंचने की उम्मीद है। पूरे इलाके में शोक का माहौल है। एक युवा पायलट का सपना और एक परिवार की उम्मीदें इस हादसे के साथ टूट गईं।