राष्ट्रपति मुर्मु ने अधिकारियों को दी जिम्मेदारी और मूल्यों की सीख
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रेलवे और इंजीनियरिंग सेवा अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें देश के विकास में उनकी भूमिका का महत्व बताया।
बुनियादी ढांचे को आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन और राष्ट्रीय एकता का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
अधिकारियों को सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और नवाचार अपनाने की सलाह दी, ताकि उनके निर्णय समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकें।
Delhi/ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों (2022 और 2023 बैच) और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों (2021 से 2024 बैच) से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे ऐसे समय में सार्वजनिक सेवा में प्रवेश कर रहे हैं, जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय रेलवे और सड़क इंजीनियरिंग सेवाओं से जुड़े अधिकारी देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि रेल और राजमार्ग केवल परिवहन के साधन नहीं हैं, बल्कि ये आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन और राष्ट्रीय एकता के प्रमुख माध्यम हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई रेल लाइन किसी दूरदराज गांव तक पहुंचती है या कोई सड़क किसी पिछड़े क्षेत्र को जोड़ती है, तो इससे उस क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के नए अवसर खुलते हैं। इस प्रकार, बुनियादी ढांचा देश के समग्र विकास की नींव बनता है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने यह भी कहा कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक्स लागत को कम करता है, व्यापार को गति देता है और निवेश को आकर्षित करता है। इससे न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यों के प्रभाव को केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए बदलाव से आंकें।
अपने संदेश में उन्होंने सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और उत्कृष्टता जैसे मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा में कई बार कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं, लेकिन ऐसे समय में नैतिक मूल्य ही सही मार्गदर्शन करते हैं।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, जिज्ञासु बने रहने और नवाचार को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लिए गए निर्णय और स्थापित मानक आने वाले समय में देश की दिशा तय करेंगे।
इस मुलाकात ने युवा अधिकारियों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का संदेश भी दिया। राष्ट्रपति ने अंत में कहा कि वे केवल प्रशासक नहीं, बल्कि देश की प्रगति के सूत्रधार और जनता के विश्वास के रक्षक हैं।