रिलायंस कम्युनिकेशंस फ्रॉड: CBI की बड़ी कार्रवाई, दो अधिकारी गिरफ्तार, हजारों करोड़ का घोटाला

Mon 20-Apr-2026,11:59 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

रिलायंस कम्युनिकेशंस फ्रॉड: CBI की बड़ी कार्रवाई, दो अधिकारी गिरफ्तार, हजारों करोड़ का घोटाला Reliance Communications Fraud
  • CBI ने दो अधिकारियों को किया गिरफ्तार. 

  • शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों का हेरफेर. 

  • 17 बैंकों को हजारों करोड़ का नुकसान. 

Delhi / Delhi :

Delhi / रिलायंस कॉम्युनिकेशंस से जुड़े एक बड़े बैंक फ्रॉड मामले में सीबीआई की कार्रवाई ने कॉर्पोरेट जगत में हलचल मचा दी है। एजेंसी ने कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों—डी. विश्वनाथ और अनिल काल्या—को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने बैंक से मिली क्रेडिट सुविधाओं का गलत इस्तेमाल किया और बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं कीं।

जांच में सामने आया है कि इस कथित घोटाले के चलते सिर्फ SBI को ही करीब 2929 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि कुल मिलाकर 17 बैंकों को लगभग 19,694 करोड़ रुपये की चपत लगी है। यह आंकड़ा इस मामले की गंभीरता को साफ तौर पर दर्शाता है।

सीबीआई के मुताबिक, कंपनी के भीतर कई अधिकारियों ने मिलकर शेल कंपनियों का एक नेटवर्क तैयार किया था। बैंकों से लिए गए लोन और फंड्स को इन शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया जाता था। इन ट्रांजैक्शनों को सर्विस से जुड़े फर्जी खर्चों के रूप में दिखाया गया, ताकि असली मकसद छिपाया जा सके। इस तरह से धन का दुरुपयोग और हेरफेर किया गया।

एजेंसी का कहना है कि डी. विश्वनाथ, जो बैंकिंग ऑपरेशंस के जॉइंट प्रेसिडेंट रहे हैं, इस पूरे सिस्टम में अहम भूमिका निभा रहे थे। उन्हीं के निर्देश पर फंड्स का डायवर्जन किया गया और बैंकिंग प्रक्रियाओं को संचालित किया गया। वहीं, अनिल काल्या ने भी इस पूरी प्रक्रिया में उनका साथ दिया। दोनों अधिकारी कंपनी के कॉरपोरेट फाइनेंस, पेमेंट्स और बैंकिंग से जुड़े अहम फैसलों को संभाल रहे थे।

सीबीआई अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है और आगे की पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में सीबीआई ने रिलायंस कॉम्युनिकेशंस के खिलाफ कुल सात केस दर्ज किए हैं। ये शिकायतें विभिन्न सरकारी बैंकों और एलआईसी की ओर से दर्ज कराई गई हैं। आरोप है कि कंपनी ने बिजनेस संचालन के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लिया, लेकिन उसे शेल कंपनियों के जरिए कहीं और ट्रांसफर कर दिया गया।

इस मामले में अनिल अंबानी से भी पूछताछ की जा चुकी है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले समय में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।