पशुधन सुधार समीक्षा बैठक: AI, टीकाकरण और डिजिटल पोर्टल पर जोर
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नई दिल्ली में आयोजित बैठक में पशुधन सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और डिजिटल पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्र और राज्यों के बीच चर्चा हुई।
NDLM के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म मजबूत करने, ग्राम पंचायत स्तर पर मैत्री कार्यकर्ता तैनात करने और पशुधन सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।
New Delhi/ नई दिल्ली के कृषि भवन में 17 अप्रैल 2026 को पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक और कार्यशाला आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता Naresh Pal Gangwar ने की, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पशुधन क्षेत्र में सुधारों को गति देना और केंद्र द्वारा शुरू की गई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करना था। इसमें राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (SASCI), कृत्रिम गर्भाधान (AI), टीकाकरण और राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM) के तहत भारत पशुधन पोर्टल जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि SASCI योजना के तहत राज्यों को प्रोत्साहन आधारित निवेश को बढ़ावा देना होगा। इसके लिए उन्होंने राज्यों को आवश्यक मानदंडों का पालन करने और समय पर प्रस्ताव प्रस्तुत करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि पशुधन क्षेत्र में सुधारों के लिए स्पष्ट संचालन ढांचा और प्रभावी कार्यान्वयन जरूरी है।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि अधिकांश राज्यों ने केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार काम शुरू कर दिया है, लेकिन अभी भी कार्यान्वयन में तेजी लाने की आवश्यकता है। सचिव ने राज्यों से वित्त विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर बजट आवंटन सुनिश्चित करने और योजनाओं का लाभ तेजी से जमीन पर पहुंचाने का आग्रह किया।
कार्यशाला के दौरान Varsha Joshi ने विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) पर चर्चा की गई। इसके साथ ही NDLM के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेटा इंटीग्रेशन और रियल-टाइम अपडेट की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हर ग्राम पंचायत में ‘मैत्री’ कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाएगी, ताकि पशुपालन सेवाओं का विस्तार ग्रामीण स्तर तक हो सके। साथ ही, गैर-मवेशी प्रजातियों में कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने और भेड़ों में IVF तकनीक के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं जैसे NLM-EDP, LHDCP, NADCP, ASCD और MVU की प्रगति का आकलन किया गया। राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर दूसरी किस्त के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करें और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
इसके अलावा, पशुधन बीमा, चारा योजना, इन्फ्लूएंजा से निपटने की तैयारी, FMD-मुक्त जोन और जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें राज्यों ने अपने सुझाव और समस्याएं साझा कीं। सभी प्रतिभागियों ने पशुधन क्षेत्र में सुधारों को समयबद्ध तरीके से लागू करने और सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।