महिला आरक्षण बिल विवाद: तेलंगाना BJP अध्यक्ष नजरबंद, विरोध तेज
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तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव को महिला आरक्षण बिल के विरोध से पहले नजरबंद किए जाने पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई को भाजपा ने लोकतंत्र पर हमला बताया, जबकि राज्य सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया।
संसद में महिला आरक्षण विधेयक को बहुमत न मिलने पर भाजपा ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों को रोकने का आरोप लगाया।
Telangana/ तेलंगाना की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन रामचंद्र राव को उनके प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया। यह कदम तब उठाया गया जब राव मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के आवास के बाहर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे। भाजपा ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है और कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों के विरोध का आरोप लगाया है।
भाजपा के अनुसार, यह नजरबंदी मुख्यमंत्री आवास के बाहर संभावित विरोध को रोकने के लिए की गई। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। एन रामचंद्र राव ने कहा कि इस तरह के प्रतिबंध उनके आंदोलन को रोक नहीं सकते और पार्टी कांग्रेस के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगी।
राव ने महिला आरक्षण विधेयक को संसद में पारित न होने को ‘काला दिन’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व से वंचित किया है। उन्होंने राज्य की महिलाओं से अपील की कि वे इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं का विरोध करें।
गौरतलब है कि महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को संसद में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया। विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोट जरूरी थे। इस घटनाक्रम के बाद देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।