NH-45 शाहपुरा बायपास ओवरब्रिज ढहा: जबलपुर–भोपाल मार्ग बंद, भारी वाहनों का डायवर्जन लागू
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Jabalpur News
NH-45 ओवरब्रिज का हिस्सा ढहा, मार्ग बंद.
निर्माण कंपनी ब्लैकलिस्ट, जांच जारी.
यातायात डायवर्ट, भारी वाहनों पर रोक.
Jabalpur / जबलपुर और भोपाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-45 (NH-45) पर बने शाहपुरा बायपास ओवरब्रिज का एक हिस्सा रविवार शाम अचानक ढह गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी बड़ी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रशासन ने तुरंत पुल पर यातायात रोक दिया और मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
यह वही ओवरब्रिज है जिसकी दूसरी लेन दिसंबर महीने में क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से यातायात केवल एक लेन से संचालित किया जा रहा था, जबकि दूसरी लेन पर मरम्मत और निर्माण कार्य जारी था। ताजा धंसाव उसी हिस्से में हुआ है जहां निर्माण गतिविधियां चल रही थीं। करीब तीन साल पहले मध्य प्रदेश राज्य सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से इस ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था।
दिसंबर की घटना के बाद पहले ही एक लेन को बंद कर दिया गया था। अब मरम्मत के दौरान पुल के एक अन्य हिस्से में धंसाव होने से अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे मार्ग को बंद करने का फैसला लिया है। प्रशासन ने तुरंत यातायात को डायवर्ट करने की योजना लागू की। हल्के वाहनों को शाहपुरा क्षेत्र की आंतरिक सड़कों से निकाला जा रहा है, जबकि भारी वाहनों के आवागमन पर फिलहाल पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
यातायात निर्देशों के तहत ओवरब्रिज के दोनों ओर भारी सीमेंटेड बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं, ताकि कोई वाहन क्षतिग्रस्त हिस्से की ओर न बढ़ सके। डायवर्जन बिंदुओं पर फ्लोरोसेंट दिशा-सूचक बोर्ड और सूचना संकेत लगाए गए हैं, जिससे चालकों को स्पष्ट मार्गदर्शन मिल सके। जबलपुर से भोपाल की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अंधमुख बायपास और पाटन बायपास मार्ग से भेजा जा रहा है। वहीं भोपाल से जबलपुर आने वाले भारी वाहनों को पाटन मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है।
सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुल के दोनों ओर और डायवर्जन पॉइंट्स पर NHAI, यातायात स्वयंसेवकों और पुलिस कर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई है। प्रशासन ने नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, यातायात संकेतों का सम्मान करें और सहयोग बनाए रखें।
इस बीच एक तकनीकी दल क्षतिग्रस्त हिस्से का विस्तृत निरीक्षण कर रहा है। संरचनात्मक मूल्यांकन के बाद ही यह तय किया जाएगा कि पुल को दोबारा कब और कैसे चालू किया जा सकता है। MPRDC जबलपुर के कार्यपालन यंत्री राकेश मोरे ने बताया कि इस राजमार्ग और ओवरब्रिज का निर्माण बांगड़ कंपनी द्वारा किया गया था। हालिया घटना को गंभीर मानते हुए कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। हालांकि क्षतिग्रस्त हिस्से के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी उसी कंपनी को सौंपी गई है।
यह घटना एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल लोगों की प्राथमिक चिंता सुरक्षित आवागमन और शीघ्र मरम्मत को लेकर है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच और आवश्यक कार्य पूर्ण होने के बाद ही मार्ग को दोबारा खोला जाएगा।