हेमंत कटारे का इस्तीफा
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हेमंत कटारे के इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में बीजेपी जॉइन करने की अटकलें तेज, सोशल मीडिया पोस्ट से दी सफाई।
विधानसभा सत्र से पहले इस्तीफा, राहुल गांधी के दौरे से जुड़ी राजनीतिक चर्चाओं ने बढ़ाई सियासी हलचल।
Bhopal/ मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया जब विधानसभा सत्र जारी था और राहुल गांधी के प्रदेश दौरे की चर्चाएं तेज थीं। राजनीतिक गलियारों में तुरंत अटकलों का दौर शुरू हो गया कि क्या कटारे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं। हालांकि, अब खुद हेमंत कटारे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है।
कटारे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस उनके स्वर्गीय पिता की विरासत है और वह पार्टी छोड़ने की कोई मंशा नहीं रखते। उन्होंने अपने फोन न उठाने को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी तंज कसते हुए लिखा कि शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई राजनीतिक साजिश नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि “कभी-कभी नेता भी इंसान होता है।”
उनके इस्तीफे के बाद यह चर्चा तेज थी कि वह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। लेकिन अपनी पोस्ट में कटारे ने भाजपा नेताओं पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ज्यादा खुशफहमी पालने की जरूरत नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि वह सोमवार से सदन में पूरी तैयारी, दस्तावेज़ और ताकत के साथ मौजूद रहेंगे और हर मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे।
कटारे ने गोमांस, इंदौर के भागीरथपुरा प्रकरण, शंकराचार्य के कथित अपमान, जहरीली हवा-पानी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि वह जनता की आवाज बनकर सरकार की हर परत खोलेंगे। उनके इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल वह कांग्रेस में ही सक्रिय रहेंगे और विधानसभा में विपक्ष की भूमिका को और आक्रामक तरीके से निभाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कटारे के इस्तीफे और फिर सफाई से प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने की संभावना है।