UP में बड़ा IAS तबादला, 2 दिन में 64 अफसर बदले, 25 जिलों में नए DM
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उत्तर प्रदेश में दो दिनों में 64 आईएएस अधिकारियों का तबादला, जिसमें 25 जिलों के डीएम बदले गए, प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव।
अलीगढ़, अयोध्या, बाराबंकी सहित 10 जिलों में नए जिलाधिकारी तैनात, शासन स्तर पर भी अहम विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गईं।
सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
Uttar Pradesh/ उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश सरकार ने दो दिनों के भीतर बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले कर शासन व्यवस्था में नई ऊर्जा भरने की कोशिश की है। इस बदलाव के तहत कई जिलों में नए जिलाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तेजी और प्रभावशीलता लाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार रविवार को 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले के बाद सोमवार को फिर 24 अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया। इस तरह दो दिनों में कुल 64 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें 25 जिलों के जिलाधिकारी भी शामिल हैं, जो इस बदलाव को बेहद महत्वपूर्ण बनाता है।
सोमवार को जारी सूची में 10 जिलों के डीएम बदले गए हैं। अलीगढ़ में अविनाश कुमार, अयोध्या में शशांक त्रिपाठी और बाराबंकी में ईशान प्रताप सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा गाजीपुर समेत अन्य जिलों में भी नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं।
इससे पहले रविवार रात को जारी सूची में 15 जिलों के डीएम बदले गए थे। साथ ही 7 अधिकारियों को पहली बार जिलाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। इनमें ब्रजेश कुमार (ओरैया), आलोक यादव (शामली), अभिषेक गोयल (हमीरपुर), इंद्रजीत सिंह (सुल्तानपुर), अन्नपूर्णा गर्ग (श्रावस्ती), नितिन गौड़ (अमरोहा) और सरनजीत कौर (रायबरेली) शामिल हैं।
शासन स्तर पर भी कई अधिकारियों को अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती वाले स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और विकास कार्यों में तेजी लाना है। यह भी माना जा रहा है कि आगामी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।