अरुण साव की मैराथन बैठक में विकास कार्य और मानसून तैयारी पर फोकस

Tue 21-Apr-2026,11:40 AM IST +05:30

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अरुण साव की मैराथन बैठक में विकास कार्य और मानसून तैयारी पर फोकस Arun-Sao-Raipur-Review-Meeting-Urban-Development-Monsoon-Preparation
  • उपमुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर में समीक्षा बैठक के दूसरे दिन नगरीय निकायों के विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करेंगे।

  • बैठक में मानसून से पहले जलभराव, नालों की सफाई, पेयजल और सड़क मरम्मत जैसी जरूरी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

  • नगरीय प्रशासन विभाग की इस मैराथन बैठक से शहरों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार और विकास कार्यों की गति तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव आज समीक्षा बैठक के दूसरे दिन राजधानी रायपुर में विभिन्न नगरीय निकायों के कार्यों का विस्तृत जायजा लेंगे। इस मैराथन बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मानसून से पहले की तैयारियों पर विशेष फोकस रहेगा। बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में प्रदेशभर के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव अधिकारियों को निर्देश दे सकते हैं कि सभी परियोजनाओं को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। खासतौर पर मानसून से पहले जलभराव, नालों की सफाई और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में शहरों की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, सड़क मरम्मत और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं को लेकर भी समीक्षा की जाएगी। नगरीय प्रशासन विभाग का लक्ष्य है कि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

राजधानी रायपुर में आयोजित इस बैठक को प्रशासनिक कसावट और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार और विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद है।