CGMSC रीएजेंट घोटाला: 600 करोड़ केस में आरोपियों पर पूरक चालान पेश
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CGMSC रीएजेंट घोटाले में EOW-ACB ने 600 करोड़ मामले में चार आरोपियों के खिलाफ 3500 पन्नों का पूरक चालान विशेष अदालत में पेश किया।
हमर लैब योजना से जुड़े इस घोटाले में अब तक 10 आरोपियों पर कार्रवाई, आगे और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई गई।
Raipur/ छत्तीसगढ़ में CGMSC रीएजेंट घोटाले को लेकर जांच एजेंसियों ने अहम कदम उठाते हुए विशेष न्यायालय में पूरक चालान पेश किया है। Economic Offences Wing (EOW) और Anti Corruption Bureau (ACB) की संयुक्त टीम ने इस मामले में करीब 3500 पन्नों का दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किया है।
इस पूरक चालान में चार आरोपियों अभिषेक कौशल, राकेश जैन, प्रिंस जैन और कुंजल शर्मा को शामिल किया गया है। इन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 120B के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है।
यह पूरा मामला राज्य की “हमर लैब” योजना से जुड़ा है, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जांच में सामने आया कि मेडिकल उपकरण और रीएजेंट्स की खरीद के दौरान टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं।
EOW-ACB की जांच में यह खुलासा हुआ कि कुछ कंपनियों ने मिलकर कार्टल बनाकर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया। प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए सभी कंपनियों ने एक जैसे उत्पाद, पैक साइज और विवरण प्रस्तुत किए। यहां तक कि कीमतों को भी एक कोडिंग पैटर्न में दर्ज किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि टेंडर पहले से तय था।
जांच में यह भी सामने आया कि लाइजनिंग के जरिए कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया। इस पूरे नेटवर्क में कुछ व्यक्तियों की भूमिका अहम रही, जिन्होंने कंपनियों के बीच संपर्क और रणनीति बनाने में सहयोग किया।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस घोटाले में अभी और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। पूरक चालान पेश होने के बाद अब न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
यह मामला न केवल वित्तीय अनियमितताओं का संकेत देता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी गंभीर सवाल उठाता है। गरीबों के लिए बनाई गई योजनाओं में इस तरह की गड़बड़ी सामने आना शासन व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।