रायसेन कृषि महोत्सव 2026: तकनीक, प्रशिक्षण और किसानों के लिए नया रोडमैप
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Raisen-Agriculture-Expo-2026-Farmers-Tech-Training
किसानों को प्रशिक्षण, लाइव डेमो और वैज्ञानिक संवाद के जरिए “बीज से बाजार तक” की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
रायसेन कृषि महोत्सव में 300 से अधिक स्टॉल, आधुनिक तकनीक, ड्रोन, बीज और बाजार समाधान एक मंच पर उपलब्ध होंगे।
Raisen/ मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाला राष्ट्रीय स्तर का उन्नत कृषि महोत्सव देश के किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम “प्रयोगशाला से खेत तक” और “बीज से बाजार तक” की अवधारणा को जमीन पर उतारने का प्रयास करेगा। इस महाकुंभ में आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव का समग्र मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित इस राष्ट्रीय कृषि महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों की तकदीर बदलने वाला आयोजन बताया है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों के लिए सीखने, समझने और तुरंत लाभ लेने का अवसर है।
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे, जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी क्षेत्रीय कृषि रोडमैप जारी करेंगे, जिससे किसानों को भविष्य की दिशा मिलेगी।
महोत्सव में करीब 300 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें उन्नत बीज, कृषि मशीनरी, ड्रोन तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े नवीनतम समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके साथ ही Indian Council of Agricultural Research, कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए सेमिनार, लाइव डेमो, प्रशिक्षण सत्र और किसान-वैज्ञानिक संवाद आयोजित किए जाएंगे। इसमें प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, फसल बीमा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि, हाइड्रोपोनिक्स और प्रिसिजन फार्मिंग जैसे विषय शामिल होंगे। फील्ड डेमो के जरिए किसानों को आधुनिक मशीनों और तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा, मोबाइल मृदा परीक्षण लैब, पशुपालन यूनिट, बीज वितरण, फसल बीमा सुविधा और हेल्पडेस्क जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी, ताकि किसान एक ही स्थान पर सभी सेवाओं का लाभ उठा सकें। महिला समूहों, एफपीओ, स्टार्टअप्स और ग्रामीण उद्यमियों को भी इस आयोजन में विशेष रूप से शामिल किया गया है।
समापन सत्र में रायसेन, विदिशा और सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए एक समग्र कृषि रोडमैप पेश किया जाएगा। इसमें फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, बाजार तक पहुंच और किसानों की आय बढ़ाने के ठोस उपाय शामिल होंगे।
कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों के लिए दीर्घकालिक परिवर्तन की शुरुआत साबित होगा और क्षेत्रीय कृषि विकास को नई दिशा देगा।