राष्ट्रपति मुर्मु सिद्धगंगा मठ पहुंचीं, शिवकुमार स्वामीजी को दी श्रद्धांजलि
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने तुमकुरु स्थित सिद्धगंगा मठ में शिवकुमार स्वामीजी की जयंती पर श्रद्धांजलि दी, सेवा और आध्यात्मिकता को बताया प्रेरणा।
राष्ट्रपति ने कहा-ज्ञान, शिक्षा और सेवा से ही राष्ट्र निर्माण संभव, कर्नाटक को बताया विकास और आध्यात्मिकता का उदाहरण।
karnataka news/ राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को कर्नाटक के तुमकुरु स्थित Siddaganga Math में आयोजित डॉ. श्री श्री Shivakumara Swamiji के 119वें जन्मदिन समारोह और गुरुवंदना महोत्सव में भाग लिया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने स्वामीजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे भारतीय समाज और राष्ट्र की आत्मा के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि भले ही स्वामीजी का भौतिक अस्तित्व 2019 में समाप्त हो गया, लेकिन उनकी आध्यात्मिक विरासत आज भी समाज को प्रेरित और पोषित कर रही है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि शिवकुमार स्वामीजी का पूरा जीवन मानव सेवा और आध्यात्मिक उत्थान को समर्पित रहा। उन्होंने निर्धनों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए जो कार्य किए, वे समाज के लिए आदर्श हैं। उनके प्रयासों ने यह सिद्ध किया कि सच्ची आध्यात्मिकता सेवा और करुणा में निहित होती है।
राष्ट्रपति ने Siddaganga Math की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान आज भी स्वामीजी की विरासत को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मठ के योगदान की प्रशंसा की। मठ द्वारा संचालित संस्थानों में प्राथमिक शिक्षा से लेकर इंजीनियरिंग और प्रबंधन तक की उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके साथ ही उन्होंने Siddaganga Hospital द्वारा आम जनता को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं को भी सराहनीय बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में समावेशिता और समान अवसरों को बढ़ावा देते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा और ज्ञान व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण की आधारशिला हैं। शिक्षा ही आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करती है और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाती है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि परिश्रम, जनसेवा और राष्ट्रसेवा एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और आध्यात्मिकता इन सभी का मजबूत आधार है। उन्होंने कर्नाटक राज्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां के लोग राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक आगे भी देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि स्वामीजी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा करें।