छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र में आयुष्मान कार्ड

Wed 11-Mar-2026,11:02 AM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र में आयुष्मान कार्ड Chhattisgarh-Assembly-Budget-Session-Ayushman-Card-Debate
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र में प्रश्नकाल में डिप्टी सीएम और मंत्रियों ने उत्तर दिए, विभिन्न विभागीय दस्तावेज भी सदन में पेश किए।

  • आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों, रासायनिक अपशिष्ट निपटान और जनहित याचिकाओं पर सदन में महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

     

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के आठवें दिन कई अहम मुद्दे सदन में चर्चा के लिए लाए जाएंगे। सुबह 11 बजे प्रश्नकाल की शुरुआत होगी, जिसमें विधायकों द्वारा सरकार के विभिन्न विभागों से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री गजेंद्र यादव और लखनलाल देवांगन अपनी रिपोर्ट और जानकारी साझा करेंगे।

सत्र के दौरान मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, लखनलाल देवांगन और लक्ष्मी राजवाड़े अपने-अपने विभागों से संबंधित दस्तावेज और पत्र सदन के पटल पर रखेंगे। इन दस्तावेजों के माध्यम से विभागीय योजनाओं, बजट आवंटन और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी विधायकों और जनता के सामने पेश की जाएगी।

विधायकों के प्रश्नकाल में आयुष्मान कार्ड योजना से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। विधायक कविता प्राण लहरे स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान योजना के लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाने और कार्ड से संबंधित परेशानियों की ओर आकर्षित करेंगी।

पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में बहस होगी। विधायक अनुज शर्मा रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों के प्रभाव और उनका सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करने की मांग करेंगे। इस मुद्दे पर पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

साथ ही सदन में विभिन्न जनहित याचिकाओं को भी पेश किया जाएगा। विधायक लखेश्वर बघेल, राघवेंद्र सिंह और हर्षिता बघेल अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और याचिकाओं पर चर्चा करेंगे।

अनुदान मांगों पर भी सत्र में विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्री ओपी चौधरी, रामविचार नेताम और लक्ष्मी राजवाड़े संबंधित विभागों के बजट और अनुदान की मांगों पर चर्चा करेंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होने की संभावना है, जो राज्य की नीतियों और योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए निर्णायक साबित होगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह चरण राज्य प्रशासनिक कार्यों और नीति निर्माण के लिए अहम माना जा रहा है, जिसमें सभी विभागों की योजनाओं और जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत बहस होगी।