छत्तीसगढ़ विधानसभा में अतिक्रमण पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठा, जिस पर विपक्ष ने सरकार की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
मंत्री केदार कश्यप के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट किया।
Raipur/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई कब तक की जाएगी और सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
इस दौरान डोंगरगढ़ में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के प्रस्तावित भवन निर्माण का मामला भी सदन में चर्चा का विषय बना। विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने इस विषय पर सवाल उठाते हुए कहा कि 24 अगस्त 2023 को पंजीयक सहकारी संस्थाओं द्वारा बैंक भवन निर्माण के लिए अनुमति दी गई थी। उन्होंने सरकार से पूछा कि इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई और क्या निर्माण के लिए तय की गई जमीन पर अतिक्रमण की जानकारी पहले से थी।
विधायक ने यह भी जानना चाहा कि यदि उस जमीन पर अतिक्रमण है तो क्या उसे हटाने के लिए कार्रवाई की गई है। साथ ही उन्होंने पूछा कि जब तक नया भवन तैयार नहीं होता, तब तक बैंक किस स्थान से संचालित हो रहा है और वर्तमान में किराए के भवन का मासिक किराया कितना है।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री Kedar Kashyap ने कहा कि जिस स्थान पर बैंक भवन निर्माण का प्रस्ताव है, वहां फिलहाल अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि किसानों और बैंक ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त भवन बनाने की योजना है। इसी वजह से अब दूसरे स्थान के चयन की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
मंत्री के जवाब के बाद Bhupesh Baghel ने सरकार से और स्पष्ट जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि बैंक के लिए कुल कितनी जमीन आवंटित की गई है और उसमें से कितनी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है।
इस पर मंत्री ने बताया कि बैंक के लिए करीब 22 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई है और भवन निर्माण के लिए लगभग तीन हजार वर्ग फीट क्षेत्र की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। Bhupesh Baghel ने आरोप लगाया कि सरकार अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर नहीं है और पिछले तीन वर्षों से यह मामला लंबित पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करता है, लेकिन इस मामले में अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सदस्यों ने सदन में जोरदार विरोध दर्ज कराया और सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।