गोवा नाइट क्लब आग कांड: 25 मौतों के मामले में 13 आरोपियों पर 4,150 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल
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Goa Night Club Fire Update
25 मौतों वाले नाइट क्लब आग कांड में 4,150 पन्नों का आरोपपत्र.
13 आरोपी नामजद, 305 गवाहों के बयान शामिल.
एक फरार आरोपी के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी.
Goa / गोवा के चर्चित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में लगी भीषण आग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4,150 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। यह आरोपपत्र मापुसा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में पेश किया गया, जिसमें कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस दर्दनाक हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
यह घटना 6 दिसंबर 2025 को उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब में हुई थी। देर रात लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया, जिससे वहां मौजूद लोग बाहर निकलने के लिए जूझते रहे। शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों में लापरवाही और आपातकालीन व्यवस्थाओं की कमी जैसे मुद्दे सामने आए थे। इसी आधार पर पुलिस ने गहन जांच शुरू की।
आरोपपत्र में 305 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, जो इस मामले की गंभीरता और व्यापक जांच को दर्शाता है। जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें अजय गुप्ता, गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा शामिल हैं। ये तीनों मेसर्स बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी गोवा अरपोरा एलएलपी के साझेदार हैं, जिसके पास इस नाइट क्लब का स्वामित्व है। पुलिस के अनुसार, क्लब के संचालन और सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर चूक हुई थी।
इनके अलावा क्लब के कुछ कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है। फिलहाल सभी नामजद आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में एक और अहम नाम ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला का है, जिसे भी आरोपपत्र में शामिल किया गया है। हालांकि वह फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए ‘ब्लू कॉर्नर’ नोटिस जारी किया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी लोकेशन ट्रेस की जा सके।
गोवा पुलिस का कहना है कि यह आरोपपत्र तकनीकी जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तैयार किया गया है। अब अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपों की कानूनी जांच होगी और दोष तय किए जाएंगे।
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की भी याद दिलाता है। 25 परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, और अब सबकी नजर अदालत की कार्यवाही पर टिकी है, जहां न्याय की उम्मीद की जा रही है।