चलती ट्रेन में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमला, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर साजिश का आरोप
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Ashutosh Brahmachari
रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर धारदार हथियार से हमला।
नाक काटने की कोशिश का आरोप, 21 लाख के इनाम का भी दावा।
प्रयागराज जीआरपी ने शिकायत के बाद जांच शुरू की।
Prayagraj / श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर चलती ट्रेन में जानलेवा हमला होने की घटना सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि रीवा एक्सप्रेस में उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया और उनकी नाक काटने की कोशिश की गई। इस मामले को लेकर उन्होंने प्रयागराज के जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक, यह हमला उस समय हुआ जब वे रीवा एक्सप्रेस से प्रयागराज आ रहे थे। उनका कहना है कि ट्रेन फतेहपुर और सिराथू के बीच पहुंचने वाली थी और उसी दौरान वे शौचालय जाने के लिए अपनी सीट से उठे थे। जैसे ही वे टॉयलेट की ओर बढ़े, तभी एक व्यक्ति ने उन पर अचानक धारदार हथियार से हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि हमलावर ने सीधे उनकी नाक पर वार करने की कोशिश की और कई बार हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आई हैं।
अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में डर का माहौल बन गया। आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए हमलावर का सामना किया और किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि हमले के बाद उन्होंने खुद को ट्रेन के बाथरूम में बंद कर लिया, जिससे वे आगे के हमले से बच सके।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी नाक काटने के लिए पहले से ही 21 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उनका दावा है कि इसी इनाम की वजह से यह हमला कराया गया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस पूरी घटना के पीछे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों की साजिश होने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना के बारे में बताते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि जब उन पर हमला हुआ, उस समय हमलावर अकेला दिखाई दे रहा था। हालांकि उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उसके साथ अन्य लोग भी आसपास मौजूद हो सकते हैं। उनके मुताबिक हमलावर के हाथ में धारदार हथियार था और उसने कई बार वार करने की कोशिश की।
घटना के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज के जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेजा है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। ब्रह्मचारी ने कहा कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मामले की पैरवी के लिए प्रयागराज आ रहे थे। उनके अनुसार उन्हें पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना था।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में भी 12 तारीख को सुनवाई निर्धारित है, जिसके सिलसिले में वे प्रयागराज पहुंचे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
चलती ट्रेन में हुए इस हमले की खबर सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई। खासतौर पर इसलिए भी क्योंकि आशुतोष ब्रह्मचारी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के प्रमुख वादी बताए जाते हैं। वहीं प्रयागराज जीआरपी पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला किसने और किन परिस्थितियों में किया। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।