दतिया बॉर्डर पर भीम आर्मी की संकल्प यात्रा रोकी
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दतिया से ग्वालियर जा रही भीम आर्मी की संकल्प यात्रा को पुलिस ने जिले की सीमा पर रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई।
हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर निकाली गई इस यात्रा को रोकने पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया।
Datiya/ मध्य प्रदेश के Datia जिले में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब Bhim Army की संकल्प यात्रा को पुलिस ने जिले की सीमा पर रोक दिया। यह यात्रा हाईकोर्ट परिसर में B. R. Ambedkar की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर ग्वालियर की ओर जा रही थी। यात्रा रोकने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
भीम आर्मी द्वारा निकाली जा रही संकल्प यात्रा दतिया से ग्वालियर की ओर बढ़ रही थी। इस यात्रा का नेतृत्व संगठन के नेता दामोदर यादव मंडल कर रहे थे। यात्रा का उद्देश्य हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना था।
जैसे ही यात्रा जिले की सीमा के पास पहुंची, पुलिस प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी और बॉर्डर पर ही उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि बिना अनुमति के इस प्रकार की यात्रा से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
पुलिस द्वारा यात्रा रोकने पर भीम आर्मी के कार्यकर्ता नाराज हो गए और उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस बढ़ गई और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। उन्हें बसों में बैठाकर अस्थायी जेल भेजा गया। प्रशासन का कहना है कि सभी के खिलाफ जमानती कार्रवाई की जाएगी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।
इस दौरान भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया। यात्रा का नेतृत्व कर रहे दामोदर यादव मंडल ने भी इस मामले में सरकार और पूर्व गृह मंत्री Narottam Mishra पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करना सामाजिक सम्मान और समानता का प्रतीक है। यदि प्रशासन इस मांग को नजरअंदाज करता है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और उसी के तहत यह कार्रवाई की गई है।