छत्तीसगढ़ विधानसभा में पीडब्ल्यूडी, शराब घोटाले और सुरक्षा पर घमासान
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में पीडब्ल्यूडी के अधूरे निर्माण कार्य, शराब घोटाले और विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई।
विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा को लेकर विपक्ष ने सरकार से औपचारिक बयान की मांग की, मांग पूरी नहीं होने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।
Raipur/ Chhattisgarh Legislative Assembly के बजट सत्र के दौरान बुधवार को कई अहम मुद्दों पर सदन में जोरदार बहस देखने को मिली। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधूरे निर्माण कार्य, कथित शराब घोटाले और विधायक की सुरक्षा जैसे विषयों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। चर्चा के दौरान कई सवाल उठे और कुछ समय के लिए सदन का माहौल गरमा गया, वहीं विपक्ष ने विरोध जताते हुए वॉकआउट भी किया।
सदन की कार्यवाही के दौरान सभापति ने लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई ठेकेदार निर्धारित SOR दर से कम कीमत पर टेंडर लेकर काम हासिल कर लेते हैं, लेकिन बाद में निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्य में ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए। इस पर उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री Arun Sao ने कहा कि आसंदी के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
विधानसभा में विधायक Vikram Usendi ने कांकेर जिले में सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्य को लेकर सरकार से सवाल किए। उन्होंने बताया कि कुछ परियोजनाएं वर्ष 2010 में स्वीकृत हुई थीं और 2013 तक पूरी होनी थीं, लेकिन कई काम अब भी अधूरे पड़े हैं। उन्होंने क्षेत्र में लगभग 60 साल पुराने पुलों के जीर्णोद्धार की आवश्यकता पर भी ध्यान दिलाया।
इस पर जवाब देते हुए अरुण साव ने बताया कि कांकेर जिले का पखांजूर मार्ग एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके तहत लगभग 91.6 किलोमीटर सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित किया गया था। उन्होंने बताया कि परियोजना में 134 पुल-पुलियों का निर्माण प्रस्तावित था, जिनमें से 114 का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 20 पुल-पुलियों का काम ठेकेदारों द्वारा अधूरा छोड़ दिया गया था।
सदन में कथित शराब घोटाले का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने सरकार से पूछा कि इस मामले में कुल कितनी राशि का घोटाला सामने आया है और अब तक कितनी वसूली की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
विधानसभा के शून्यकाल में विधायक Rikesh Sen की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं भूपेश बघेल और Umesh Patel ने कहा कि यदि किसी विधायक ने अपनी जान को खतरा बताया है तो यह गंभीर मामला है और सरकार को स्पष्ट बयान देना चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री Kedar Kashyap ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और विधायक से बातचीत भी की गई है। हालांकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन में औपचारिक बयान की मांग की। जब यह मांग पूरी नहीं हुई तो कांग्रेस के विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।