बालोद बस में लगी भीषण आग, बाराती सुरक्षित, NH-30 यातायात प्रभावित

Mon 27-Apr-2026,12:22 PM IST +05:30

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बालोद बस में लगी भीषण आग, बाराती सुरक्षित, NH-30 यातायात प्रभावित Balod-Bus-Fire-Baraatis-Safe-NH30-Incident
  • बालोद में बारातियों से भरी बस में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी, लेकिन सभी यात्रियों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

  • NH-30 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित, घटना के बाद ट्रेवल बसों की सुरक्षा और फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल उठे।

  • शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी से आग लगने की आशंका, पुलिस और प्रशासनिक टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।

Chhattisgarh / :

Balod/ छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शादी के सीजन के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया, जब बारातियों से भरी एक बस अचानक आग की चपेट में आ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए NH-30 पर यातायात भी बाधित रहा। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।

जानकारी के अनुसार, शर्मा ट्रेवल्स की बस (CG 07 E 1171) कांकेर जिले से बारातियों को लेकर बालोद की ओर आ रही थी। जैसे ही बस पुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम जगतरा मंदिर के पास पहुंची, बस के पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।

आग लगते ही बस में सवार यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। लोग घबराकर बस से बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगे। कई यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों के जरिए किसी तरह बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने भी तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य में मदद की और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

इस घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि सभी बाराती सुरक्षित बच गए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई और यात्रियों का सामान भी आग में नष्ट हो गया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस हादसे ने शादी की खुशियों को अचानक डर में बदल दिया। जहां बाराती जश्न के माहौल में थे, वहीं कुछ ही पलों में उन्हें अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। इस घटना के बाद ट्रेवल बसों की सुरक्षा और फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है।