बंगाल चुनाव में 100 जिंदा बम मिलने का दावा, चुनाव आयोग ने पुलिस को दिया अल्टीमेटम

Sun 26-Apr-2026,09:05 PM IST +05:30

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बंगाल चुनाव में 100 जिंदा बम मिलने का दावा, चुनाव आयोग ने पुलिस को दिया अल्टीमेटम West Bengal Election News
  •  भांगड़ इलाके में 100 जिंदा बम मिलने के दावे से हड़कंप।

  • चुनाव आयोग ने पुलिस को 24 घंटे में कार्रवाई के निर्देश दिए।

  • बंगाल चुनाव में सुरक्षा और निष्पक्ष मतदान पर फोकस बढ़ा।

West Bengal / Kolkata :

Kolkata / पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच भांगड़ इलाके से कथित तौर पर 100 जिंदा बम मिलने की खबर ने सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और विपक्ष ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है।

बीजेपी नेता और प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने दावा किया कि ये विस्फोटक टीएमसी कार्यकर्ता रफीकुल इस्लाम के घर से बरामद हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इसे राज्य में ‘भय की राजनीति’ का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराने और माहौल प्रभावित करने के लिए इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस दावे के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और प्रशासन से जवाब मांगा है। बीजेपी का कहना है कि अगर चुनाव के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिल रहे हैं, तो यह साफ तौर पर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है।

मामले को गंभीर मानते हुए चुनाव आयोग (EC) ने भी तुरंत सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री, धमकी या हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोलकाता पुलिस आयुक्त से लेकर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और थाना प्रभारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि उनके क्षेत्र में इस तरह की कोई भी सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव आयोग ने पुलिस को 24 घंटे के भीतर सभी संदिग्ध और खतरनाक सामान जब्त करने का अल्टीमेटम दिया है। आयोग चाहता है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों, ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

इसी बीच आयोग ने राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठकों को भी तेज कर दिया है। इन बैठकों में सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील इलाकों की पहचान, वर्नरेबिलिटी मैपिंग, सिविल प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, और मतदान कर्मियों की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि आयोग किसी भी संभावित गड़बड़ी को पहले ही रोकना चाहता है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में राज्य के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर 93 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया था। इतनी बड़ी संख्या में मतदान लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की हिंसा, धमकी या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन और पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि मतदाताओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी बाधा के आगे बढ़े। फिलहाल पूरे राज्य की नजर अब दूसरे चरण के मतदान और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।