दिलीप कुमार बने SAIL के CVO, रेलवे अनुभव का लाभ मिलेगा
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दिलीप कुमार ने SAIL के CVO के रूप में कार्यभार संभाला, दो दशक से अधिक रेलवे अनुभव से संगठन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद।
रेलवे में कई अहम पदों पर रहे, ISO प्रमाणित ट्रेन और इन-सिटु व्हील तकनीक जैसे नवाचारों के लिए जाने जाते हैं।
IIT BHU से शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन प्रशिक्षण और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित, अब SAIL में सतर्कता तंत्र को मजबूत करेंगे।
नई दिल्ली/ इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (IRSME) के वरिष्ठ अधिकारी Dilip Kumar ने 27 अप्रैल 2026 को Steel Authority of India Limited (SAIL) के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनके पास रेलवे संचालन, तकनीकी प्रबंधन और मानव संसाधन के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है, जिससे संगठन को पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिलीप कुमार ने भारतीय रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे East Central Railway (ECR) में अपर मंडल रेल प्रबंधक के पद पर रह चुके हैं और बिहार के हरनौत स्थित कारखाने में मुख्य कारखाना प्रबंधक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण सुधार और तकनीकी नवाचार लागू किए गए।
उनके प्रमुख योगदानों में पूर्व मध्य रेलवे की पहली ISO 9001 प्रमाणित ट्रेन की शुरुआत, वैगनों में इन-सिटु व्हील रिप्लेसमेंट तकनीक का विकास और मधुबनी रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण की राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई परियोजना शामिल है। इन नवाचारों ने न केवल रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ाई, बल्कि यात्रियों के अनुभव को भी बेहतर बनाया।
शिक्षा के क्षेत्र में भी दिलीप कुमार का मजबूत आधार रहा है। उन्होंने IIT BHU से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है। इसके अलावा उन्होंने INSEAD सिंगापुर और ICLIF, मलेशिया से प्रबंधन से जुड़े उन्नत कार्यक्रम पूरे किए हैं, वहीं अमेरिका के शिकागो स्थित ARI में तकनीकी प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘राष्ट्रीय उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार’ (2016) और ‘रेलवे बोर्ड उत्कृष्टता प्रमाण पत्र’ (2018-19) से सम्मानित किया जा चुका है।
SAIL में CVO के रूप में उनकी नियुक्ति को कंपनी की सतर्कता प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके अनुभव और नेतृत्व से संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।