डबरा में गौ सम्मान रैली, ‘राष्ट्रमाता’ दर्जे की मांग हुई तेज

Mon 27-Apr-2026,06:16 PM IST +05:30

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डबरा में गौ सम्मान रैली, ‘राष्ट्रमाता’ दर्जे की मांग हुई तेज Dabra-Cow-Respect-Rally-National-Status-Demand
  • डबरा में गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत निकली रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिससे गौ संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ी।

  • प्रदर्शनकारियों ने गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग उठाई और प्रशासन पर गौशालाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।

  • ज्ञापन के जरिए सरकार से सख्त कानून और गौशालाओं की स्थिति सुधारने की मांग की गई, साथ ही आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाने की चेतावनी दी गई।

Madhya Pradesh / Dabra :

Dabra/ मध्य प्रदेश के डबरा में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक ‘गौ माता’ को सम्मान दिलाने के उद्देश्य से “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत एक भव्य रैली का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में गौ-सेवकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली। रैली ने पूरे शहर में जागरूकता का माहौल बनाया और गौ संरक्षण को लेकर जनभावना को मुखर किया।

यह रैली बुजुर्ग रोड स्थित शुक्ला डेयरी से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से गुजरते हुए आगे बढ़ी। रैली में शामिल लोगों ने ‘गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करो’ जैसे नारों के साथ अपने भाव प्रकट किए। पूरे रास्ते में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जगह-जगह स्वागत भी किया गया। रैली का समापन एसडीएम कार्यालय पर हुआ, जहां राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।

इस रैली का नेतृत्व रानी घाटी गौशाला के महंत परमानंद महाराज और माँ अंबे दरबार के महंत विजय महाराज ने किया। उन्होंने कहा कि गौ माता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की पहचान है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए।

साथी हाथ बढ़ाना संस्था के संस्थापक महेंद्र (चिंटू) तोमर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डबरा की गौशालाओं की स्थिति बेहद खराब है और स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की व्यवस्था में सुधार किया जाए और गौ संरक्षण के लिए सख्त कानून लागू किए जाएं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह अभियान केवल डबरा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे प्रदेश और देशभर में विस्तार दिया जाएगा। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

इस रैली ने न केवल गौ संरक्षण के मुद्दे को फिर से प्रमुखता से उठाया है, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी इस विषय पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।