कंकर मुंजारे का पत्नी विधायक अनुभा पर हमला, बालाघाट राजनीति में हलचल

Mon 27-Apr-2026,05:58 PM IST +05:30

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कंकर मुंजारे का पत्नी विधायक अनुभा पर हमला, बालाघाट राजनीति में हलचल Kankar-Munjare-Anubha-Munjare-Balaghat-Political-Controversy
  • कंकर मुंजारे के बयान ने बालाघाट में कांग्रेस और भाजपा के रिश्तों पर सवाल खड़े किए, जिससे स्थानीय राजनीति में अविश्वास का माहौल बनता दिख रहा है।

  • विधायक अनुभा मुंजारे पर सार्वजनिक टिप्पणी से पारिवारिक विवाद राजनीतिक मुद्दा बन गया, जिसका असर आगामी चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।

  • भाजपा में जाने की सलाह और सम्मान के मुद्दे ने कांग्रेस संगठन में आंतरिक स्थिति को उजागर किया, जिससे पार्टी की रणनीति पर भी सवाल उठे।

Madhya Pradesh / Balaghat :

Madhya Pradesh/ मध्य प्रदेश के बालाघाट की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां अपनी बेबाक शैली के लिए चर्चित पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने अपनी ही पत्नी और कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे पर तीखा हमला बोल दिया है। उनके बयान ने न सिर्फ पारिवारिक बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। इस घटनाक्रम को जिले की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने एक सार्वजनिक मंच से अपनी पत्नी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बालाघाट में राजनीति केवल दिखावा बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस के बीच वास्तविक विरोध नहीं है, बल्कि दोनों दलों के नेता अंदरखाने मिलकर काम करते हैं। उनके अनुसार, दिन में जनता के सामने विरोध का नाटक होता है, जबकि रात में एक साथ बैठकर भोजन किया जाता है।

कंकर मुंजारे ने विधायक अनुभा मुंजारे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि किस तरह के लोग विधायक बन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अनुभा मुंजारे ने एक बड़े नेता को हराकर जीत जरूर हासिल की, लेकिन वर्तमान में उनकी स्थिति कमजोर नजर आती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कार्यक्रमों में उनका नाम भी प्राथमिकता से नहीं लिया जाता, जो उनके राजनीतिक सम्मान पर सवाल खड़े करता है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुंजारे ने अपनी पत्नी को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस में सम्मान नहीं मिल रहा है, तो बेहतर विकल्प तलाशना चाहिए। इस बयान के बाद बालाघाट में दोनों प्रमुख दलों के नेताओं के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का संकेत है। इससे आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अनुभा मुंजारे इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।