संजीव अरोड़ा के घर ED रेड पर गरमाई पंजाब राजनीति, AAP ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
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Sanjeev Arora ED Raid
संजीव अरोड़ा के घर ED की छापेमारी.
AAP ने BJP पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया.
भगवंत मान और मंत्रियों ने केंद्र सरकार को घेरा.
Punjab / चंडीगढ़ में पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर हुई Enforcement Directorate की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति फिर से गरमा गई है। आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।
भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले एक साल में यह तीसरी बार है जब ईडी संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है, लेकिन एजेंसी को अब तक कुछ नहीं मिला। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे दबाया नहीं जा सकता। भगवंत मान ने यह भी कहा कि बीजेपी और ईडी का “अनैतिक गठजोड़” अब खुलकर सामने आ रहा है।
वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी इस कार्रवाई को “सोची-समझी राजनीतिक साजिश” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। चीमा ने कहा कि सुबह-सुबह भारी टीम के साथ की गई रेड यह दिखाती है कि बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए जांच एजेंसियों का उपयोग कर रही है।
पंजाब सरकार के एक और मंत्री अमन अरोड़ा ने भी ED और CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से आम आदमी पार्टी के नेताओं और उनके करीबी लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, यह सब विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश का हिस्सा है।
दूसरी ओर, बीजेपी और केंद्रीय एजेंसियों की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।
पिछले कुछ वर्षों में देश के कई राज्यों में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाया है कि ED, CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। पंजाब में संजीव अरोड़ा के घर हुई यह कार्रवाई भी उसी बहस को फिर से तेज कर रही है।
फिलहाल ED की टीम जांच में जुटी हुई है और छापेमारी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक मंचों और जनता के बीच जोर-शोर से उठा रही है।
इस घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में एक बार फिर केंद्र बनाम राज्य सरकार की बहस को तेज कर दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।