सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ममता बनर्जी ने SIR विरोध का धरना खत्म किया, बोलीं—यह बंगाल की जनता की जीत

Tue 10-Mar-2026,11:36 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ममता बनर्जी ने SIR विरोध का धरना खत्म किया, बोलीं—यह बंगाल की जनता की जीत Mamata Banerjee SIR Protest End
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ममता बनर्जी ने धरना खत्म किया।

  • मतदाता सूची मामलों के लिए स्वतंत्र अपीलीय न्यायाधिकरण का गठन।

  • ममता ने फैसले को बंगाल की जनता की जीत बताया।

West Bengal / Kolkata :

Kolkata / पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को ‘दोषपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया’ के विरोध में चल रहा अपना धरना पांचवें दिन समाप्त करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची संशोधन से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण गठित करने के आदेश के बाद विरोध-प्रदर्शन को फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित किया जा रहा है।

ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है, जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए थे या हटाने पर विचार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से बंद किया गया दरवाजा अब खुल गया है और इससे प्रभावित लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया जनता की जीत
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पश्चिम बंगाल की जनता की जीत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस इस पूरे मामले पर आगे भी नजर बनाए रखेगी और जरूरत पड़ने पर आगे की रणनीति तय करेगी।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक स्वतंत्र अपीलीय न्यायाधिकरण बनाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि इस न्यायाधिकरण की अध्यक्षता उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे।

न्यायालय ने दी सख्त चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान उन प्रयासों के खिलाफ भी कड़ी चेतावनी दी, जिनका उद्देश्य एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तैनात न्यायिक अधिकारियों की निष्पक्षता को कमजोर करना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से जुड़े विवादों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए।

चुनाव आयोग ने दिया भरोसा
इस पूरे मामले के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भी स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना है।

कोलकाता में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठकों के बाद उन्होंने कहा कि आयोग ने राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी दबाव और पक्षपात के कानून का पालन कराएं।

क्या है SIR प्रक्रिया
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और कोई अयोग्य व्यक्ति इसमें दर्ज न हो।

हालांकि, विपक्षी दलों और खासकर तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के दौरान कई वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।

अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन के आदेश के बाद ममता बनर्जी ने अपना धरना अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति और चुनावी माहौल पर इसका असर देखने को मिल सकता है।