बंगाल में हार के बाद TMC ने चुना नेता विपक्ष, ममता ने BJP के खिलाफ संयुक्त मोर्चे का किया आह्वान
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TMC Leader of Opposition
TMC ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता विपक्ष बनाया.
ममता बनर्जी ने विपक्षी एकता का आह्वान किया.
बंगाल में पहली बार BJP ने पूर्ण बहुमत हासिल किया.
Kolkata / पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब 15 साल तक सत्ता में रहने वाली All India Trinamool Congress को विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव हारने के बाद अब टीएमसी ने विधानसभा में अपने नेता विपक्ष का चयन कर लिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं असीमा पात्रा और नैना बंद्योपाध्याय को डिप्टी लीडर बनाया गया है, जबकि फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक यानी चीफ व्हिप की जिम्मेदारी दी गई है।
इस चुनाव में पहली बार Bharatiya Janata Party ने पश्चिम बंगाल में पूर्ण बहुमत हासिल किया। बीजेपी ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य में अपनी पहली सरकार बनाई है। वहीं टीएमसी सिर्फ 80 सीटों तक सिमट गई। कांग्रेस को दो सीटें मिलीं, जबकि अन्य दलों का प्रदर्शन बेहद सीमित रहा।
सबसे ज्यादा चर्चा शुभेंदु अधिकारी की रही, जिन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। अब शुभेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री बन चुके हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बीजेपी ने इस जीत को बंगाल की राजनीति में “ऐतिहासिक बदलाव” बताया है।
दूसरी ओर, हार के बावजूद ममता बनर्जी लगातार राजनीतिक रूप से सक्रिय नजर आ रही हैं। उन्होंने विपक्षी दलों, वामपंथी संगठनों, छात्र संघों और सामाजिक संस्थाओं से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। ममता का कहना है कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा का मुकाबला अकेले किसी एक पार्टी के लिए आसान नहीं होगा, इसलिए विपक्षी एकता जरूरी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी अब राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
बंगाल की राजनीति में यह बदलाव सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। एक तरफ बीजेपी पहली बार बंगाल में सत्ता में आई है, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी अब विपक्ष की भूमिका में खुद को नए तरीके से स्थापित करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और भी दिलचस्प होने की संभावना है।