नई कैबिनेट में सबसे अमीर मंत्री के तौर पर रमा निषाद का नाम सामने आया है। पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण मंत्री रमा निषाद ने अपने हलफनामे में करीब 31.85 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। दूसरी बार मंत्री बनीं रमा निषाद ने संपत्ति के मामले में कई बड़े और अनुभवी नेताओं को पीछे छोड़ दिया है। यही वजह है कि राजनीतिक हलकों में उनके नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता करीब 29.24 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। पहली बार विधायक बनीं श्वेता गुप्ता जेडीयू कोटे से मंत्री बनी हैं। आंकड़ों के अनुसार, नई कैबिनेट में महिला मंत्रियों की औसत संपत्ति पुरुष मंत्रियों की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अशोक चौधरी करीब 22.39 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे सबसे अमीर मंत्री हैं। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय अशोक चौधरी कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल और बुलो मंडल जैसे कई नेताओं ने भी करोड़ों रुपये की संपत्ति घोषित की है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी कुल संपत्ति करीब 6.38 करोड़ रुपये बताई है। लेकिन उनकी कैबिनेट में कई मंत्री ऐसे हैं जिनकी संपत्ति इससे भी ज्यादा है। परिवहन मंत्री दामोदर राउत के पास लगभग 7.62 करोड़ रुपये, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र के पास करीब 6.70 करोड़ रुपये और लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन के पास लगभग 6.10 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
वहीं नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने करीब 5.98 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। दूसरी तरफ, कुछ मंत्री ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति एक करोड़ रुपये से कम है। इनमें संजय सिंह टाइगर और एलजेपी (आर) के संजय कुमार शामिल हैं, जिनकी कुल संपत्ति करीब 23 लाख रुपये बताई गई है।
नई कैबिनेट के मंत्रियों की संपत्ति के आंकड़े सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में अब अमीर और सामान्य पृष्ठभूमि वाले नेताओं की तुलना को लेकर बहस तेज हो गई है।