हिमाचल राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी अनुराग शर्मा ने भरा नामांकन, जीत लगभग तय

Thu 05-Mar-2026,08:04 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

हिमाचल राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी अनुराग शर्मा ने भरा नामांकन, जीत लगभग तय Himachal Pradesh Politics
  • अनुराग शर्मा ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया.

  • भाजपा ने उम्मीदवार नहीं उतारा, जीत लगभग तय.

  • कांग्रेस हाईकमान का अनुराग शर्मा ने जताया आभार.

Himachal Pradesh / Shimla :

Shimla / हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अनुराग शर्मा ने शिमला में विधानसभा परिसर में अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उन्होंने करीब तीन बजे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मौजूदगी में नामांकन पत्र भरा। खास बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। ऐसे में माना जा रहा है कि अनुराग शर्मा का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय है और अब केवल उनकी जीत का औपचारिक ऐलान बाकी है।

नामांकन से पहले अनुराग शर्मा ने बताया कि उन्हें टिकट मिलने की जानकारी काफी अचानक मिली। उन्होंने कहा कि देर रात करीब तीन बजे उन्हें इस बात की सूचना दी गई कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। अनुराग शर्मा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले अपनी पत्नी को फोन करके यह खुशखबरी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री सुक्खू की ओर से भी यह संदेश मिला कि पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया है।

अनुराग शर्मा ने बताया कि जब उन्हें फोन आया तब वे होली के मौके पर उत्सव में व्यस्त थे। कांग्रेस कार्यालय से उन्हें फोन कर बधाई दी गई और बताया गया कि उन्हें टिकट मिल सकता है। इस खबर के बाद वे सबसे पहले बैजनाथ मंदिर पहुंचे और वहां जाकर भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

नामांकन दाखिल करने के बाद अनुराग शर्मा ने कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी हाईकमान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पद के लिए चुने जाने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनका राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ था, जब वे कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक संगठन में काम किया और बाद में कांगड़ा जिले से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बनने का अवसर मिला।

अनुराग शर्मा ने विश्वास जताया कि कांगड़ा जिले से कांग्रेस को मजबूत समर्थन मिलेगा और आने वाले समय में विधानसभा की सभी 15 सीटें कांग्रेस जीत सकती है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा हर साल करोड़ों नौकरियां देने के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन आज देश में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद किया जाना भी राज्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सोच सराहनीय है, जिन्होंने एक आम कार्यकर्ता को राज्यसभा के लिए चुना। उन्होंने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता के लिए इस पद तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने यह संभव किया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजनीतिक समीकरण समय के साथ बदलते रहते हैं, लेकिन कांग्रेस का उद्देश्य था कि उम्मीदवार हिमाचल प्रदेश से ही हो। उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा उम्मीदवार उतारती तो भी उसे हार का सामना करना पड़ता।

नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सहित कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस के पास 40 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 28 विधायक हैं, इसी कारण भाजपा ने इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारा।