Parliament Budget Session: बीजेपी और कांग्रेस ने जारी किया तीन लाइन का व्हिप, 9 मार्च से शुरू होगा दूसरा चरण

Fri 06-Mar-2026,09:20 PM IST +05:30

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Parliament Budget Session: बीजेपी और कांग्रेस ने जारी किया तीन लाइन का व्हिप, 9 मार्च से शुरू होगा दूसरा चरण Parliament Budget Session
  • बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा.

  • बीजेपी और कांग्रेस ने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया.

  • सत्र में अहम विधेयकों और बजट मुद्दों पर चर्चा होगी.

Delhi / Delhi :

Delhi / संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इसे लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए ‘तीन लाइन का व्हिप’ जारी किया है। इसका मतलब है कि इन दिनों संसद में महत्वपूर्ण कामकाज और विधायी प्रक्रियाएं होने वाली हैं, इसलिए सभी सांसदों की मौजूदगी जरूरी मानी जा रही है। बजट सत्र का यह दूसरा चरण 2 अप्रैल तक चलेगा।

बजट सत्र की समय-सारणी
संसद का बजट सत्र इस साल 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ था। पूरे सत्र के दौरान कुल 65 दिनों में 30 बैठकें प्रस्तावित हैं। पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त हुआ था। इसके बाद लगभग तीन हफ्तों का अवकाश दिया गया था ताकि संसद की स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की विस्तृत जांच कर सकें। अब अवकाश के बाद दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों और बजट से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।

पहले चरण में क्या हुआ
बजट सत्र का पहला चरण मुख्य रूप से वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा पर केंद्रित रहा। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। इसके साथ ही उन्होंने वित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 के तहत दो महत्वपूर्ण दस्तावेज भी सदन में रखे। इनमें मध्यम अवधि की वित्तीय नीति से जुड़ा बयान और मैक्रो-इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट शामिल था।

इस दौरान इंडिया गठबंधन के दलों ने मनरेगा को लेकर चिंता जताई। विपक्ष का आरोप था कि सरकार मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ जैसे नए कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। विपक्षी दलों ने चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की।

संसद में विवाद और हंगामा
पहले चरण के दौरान संसद के भीतर और बाहर कई मुद्दों पर विवाद भी देखने को मिला। 2 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के नेता ने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के कुछ अंश उद्धृत करने की कोशिश की। इस पर सत्तारूढ़ पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। एनडीए सांसदों का कहना था कि जब तक कोई किताब प्रकाशित नहीं होती, तब तक उसे संसद में उद्धृत नहीं किया जा सकता।

इसी दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख में 2020 में चीन के साथ हुए सैन्य टकराव का मुद्दा उठाया। इस पर भी सदन में काफी हंगामा हुआ। नियमों के उल्लंघन और कागज फेंकने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को सत्र के बाकी हिस्से के लिए निलंबित कर दिया गया।

धन्यवाद प्रस्ताव और प्रधानमंत्री का जवाब
विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने 5 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। हालांकि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब नहीं हो सका था। बाद में राज्यसभा में प्रधानमंत्री ने धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि दुनिया तेजी से एक नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और भारत इस बदलते दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
इन घटनाओं के बाद कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस भी दिया। इस पर ओम बिरला ने नैतिक आधार पर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया और कहा कि जब तक इस प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक वे सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे।

राज्यसभा चुनाव और आगे का कार्यक्रम
इस बीच राज्यसभा की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव भी होने जा रहे हैं। इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना की जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च थी, जबकि 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की गई। उम्मीदवार 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकते हैं।

अब संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में कई अहम विधेयकों और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी, जिससे देश की नीति और आर्थिक दिशा तय होगी।