डोपिंग के खिलाफ भारत सख्त, वैश्विक सहयोग पर मांडविया का जोर
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केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने वाडा सम्मेलन में डोपिंग के खिलाफ वैश्विक सहयोग और सख्त कानूनी ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार डोपिंग मामलों में आपराधिक प्रावधान लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि संगठित नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
भारत ने डोपिंग जांच को 4000 से बढ़ाकर 8000 तक पहुंचाया, जिससे मामलों में कमी आई और जागरूकता बढ़ी है।
Delhi/ विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी World Anti-Doping Agency के ग्लोबल एंटी-डोपिंग इंटेलिजेंस एंड इन्वेस्टिगेशन नेटवर्क (GAIIN) सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने भारत की डोपिंग के खिलाफ सख्त नीति और वैश्विक सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि आज डोपिंग केवल व्यक्तिगत गलती नहीं रह गई है, बल्कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में इससे निपटने के लिए देशों के बीच समन्वित प्रयास और खुफिया जानकारी साझा करना अत्यंत आवश्यक है।
मांडविया ने बताया कि भारत ने राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी अधिनियम 2022 और संशोधन अधिनियम 2025 के जरिए अपने कानूनी ढांचे को मजबूत किया है, जिससे देश के नियम वैश्विक मानकों के अनुरूप हो सके हैं। सरकार अब डोपिंग से जुड़े मामलों में आपराधिक प्रावधान लागू करने पर भी विचार कर रही है।
सम्मेलन में वाडा के अध्यक्ष Witold Bańka ने भी वैश्विक साझेदारी की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डोपिंग के खिलाफ लड़ाई में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और खेल संगठनों के बीच तालमेल बेहद जरूरी है।
मांडविया ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी से देश की जांच क्षमताएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत के खेल क्षेत्र में हो रहे विकास का भी उल्लेख किया।
उन्होंने खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये पहल देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि भारत में डोपिंग जांच की संख्या 2019 के करीब 4000 परीक्षणों से बढ़कर हाल के वर्षों में 8000 तक पहुंच गई है। साथ ही, डोपिंग मामलों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जो जागरूकता और कड़े उपायों का परिणाम है।
उन्होंने शिक्षा और जागरूकता को डोपिंग रोकने का सबसे प्रभावी तरीका बताते हुए कहा कि एथलीटों को सही समय पर सही जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय डोप रोधी एजेंसी (NADA) द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर स्वच्छ और निष्पक्ष खेल सुनिश्चित करने के लिए देशों के बीच सहयोग और प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।