ग्वालियर में 33 लाख संपत्ति कर बकाया सूची में माधवराव सिंधिया का नाम
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ग्वालियर नगर निगम ने 50 बड़े संपत्ति कर बकायादारों की सूची जारी की, जिसमें माधवराव सिंधिया से जुड़ी संपत्ति पर 33 लाख रुपये से अधिक बकाया बताया गया।
सूची में सिंधिया परिवार का नाम 19वें स्थान पर दर्ज है और निगम का कहना है कि सभी बकायादारों को नोटिस देकर वसूली की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
Gwalior/ मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम द्वारा जारी की गई संपत्ति कर बकायादारों की सूची ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। नगर निगम ने हाल ही में शहर के 50 बड़े कर बकायादारों की सूची सार्वजनिक की, जिसमें एक चौंकाने वाला नाम भी सामने आया। सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री Madhavrao Scindia से जुड़ी संपत्ति का नाम शामिल है। निगम के अनुसार इस संपत्ति पर करीब 33 लाख रुपये से अधिक का संपत्ति कर बकाया बताया गया है।
नगर निगम Gwalior द्वारा जारी इस सूची में लंबे समय से कर बकाया रखने वाले संपत्ति मालिकों की पहचान की गई है। अधिकारियों के मुताबिक शहर में ऐसे कई संपत्ति मालिक हैं जिन्होंने वर्षों से संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया है। इसी अभियान के तहत 50 बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर सार्वजनिक की गई है, ताकि कर वसूली की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
सूची में शामिल जानकारी के अनुसार सिंधिया परिवार से जुड़ी एक संपत्ति पर लगभग 33.32 लाख रुपये का संपत्ति कर बकाया है। यह संपत्ति शहर के कोटरा ताल के सामने स्थित एक खाली जमीन बताई जा रही है। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार इस जमीन पर लंबे समय से कर का भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण बकाया राशि बढ़कर लाखों रुपये तक पहुंच गई है।
नगर निगम द्वारा जारी सूची में सिंधिया परिवार का नाम 19वें स्थान पर दर्ज है। कुल बकाया राशि 33,32,719 रुपये बताई गई है। सूची सामने आने के बाद शहर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे नगर निगम की कर वसूली कार्रवाई का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस पर सवाल भी उठा रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह सूची पूरी तरह से रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की गई है और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि बकाया कर की वसूली सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सूची में शामिल सभी बकायादारों को नोटिस जारी किए जाएंगे और समय सीमा के भीतर कर जमा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
नगर निगम का मानना है कि इस तरह की सूची जारी करने से करदाताओं में जागरूकता बढ़ेगी और बकाया कर की वसूली में तेजी आएगी। आने वाले दिनों में निगम शहर में कर वसूली अभियान को और तेज करने की तैयारी कर रहा है।