लोकसभा ने बिल पास किया, अमरावती बनी आंध्र की स्थायी राजधानी
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लोकसभा ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन बिल 2026 पास किया, अमरावती को स्थायी राजधानी का दर्जा मिलने से प्रशासनिक स्थिरता और विकास को नई दिशा मिलेगी।
विपक्ष ने FCRA संशोधन बिल को लेकर हंगामा किया, स्पीकर की अपील के बावजूद विरोध जारी, सरकार ने कहा आज इस बिल पर चर्चा नहीं होगी।
Delhi/ लोकसभा में बुधवार को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 को वॉयस वोट के जरिए मंजूरी दे दी गई। इस बिल के पारित होने के साथ ही अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता मिल गई है। इस फैसले को राज्य के प्रशासनिक ढांचे को स्थिर और स्पष्ट बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस बिल को सदन में पेश किया। बिल पर करीब एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी राय रखी। अंततः इसे वॉयस वोट के माध्यम से पारित कर दिया गया।
इस बीच, लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दलों ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने ‘FCRA बिल वापस लो’ के नारे लगाए और सदन के बीचोंबीच आकर हंगामा किया। स्पीकर ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य लगातार विरोध करते रहे।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि FCRA संशोधन बिल पर उस दिन चर्चा नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह बिल 25 मार्च को सदन में पेश किया गया था और इस पर आगे उचित समय पर विचार किया जाएगा।
अमरावती को स्थायी राजधानी का दर्जा मिलने से राज्य में प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आंध्र प्रदेश के विकास को नई दिशा दे सकता है।