लखीमपुर खीरी में GST घोटाला उजागर, 30 फर्जी फर्म से करोड़ों की ITC चोरी
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लखीमपुर खीरी में साइबर पुलिस ने 30 से अधिक फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों की ITC चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया।
आरोपियों ने फर्जी बिल और ई-वे बिल के जरिए जीएसटी सिस्टम का दुरुपयोग कर अवैध टैक्स क्रेडिट क्लेम किया।
lakhimpur kheri/ लखीमपुर खीरी में जीएसटी चोरी के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। साइबर पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का पर्दाफाश किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 30 से अधिक फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी सिस्टम का दुरुपयोग किया। इन फर्जी कंपनियों के जरिए नकली बिल तैयार किए गए, ई-वे बिल बनाए गए और फिर इनका उपयोग कर अवैध रूप से आईटीसी क्लेम किया गया। इस प्रक्रिया के जरिए आरोपियों ने करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक सिंह (बाराबंकी), अंकित त्रिवेदी (सीतापुर), धर्मेंद्र (सीतापुर) और राजू (लखीमपुर खीरी) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं, जो फर्जी बिल खरीदकर टैक्स लाभ लेते थे। उनकी पहचान कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे ऑपरेशन को साइबर थाना प्रभारी हेमंत राय के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में उपनिरीक्षक आशीष सहरावत और तनवीर अहमद ने भी अहम भूमिका निभाई। सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा किया।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से टैक्स चोरी कर रहा था। इस तरह की गतिविधियां न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि ईमानदार व्यापारियों के लिए भी अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।