कोलकाता CEO ऑफिस के बाहर झड़प, फॉर्म-6 विवाद में लाठीचार्ज
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Kolkata-CEO-Office-Clash-Form6-Controversy-Lathicharge
कोलकाता में CEO कार्यालय के बाहर फॉर्म-6 को लेकर तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प, पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया।
अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया, चुनाव आयोग को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
Kolkata/ कोलकाता स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर मंगलवार को राजनीतिक तनाव हिंसक झड़प में बदल गया। जानकारी के मुताबिक, एक युवक बड़ी संख्या में फॉर्म-6 लेकर कार्यालय पहुंचा था। तृणमूल कांग्रेस के समर्थित बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने उस युवक को रोकते हुए आरोप लगाया कि वह संदिग्ध तरीके से कई फॉर्म जमा कराने आया है।
इस घटना के बाद तृणमूल समर्थकों ने मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। माहौल पहले से ही गरम था कि इसी बीच भाजपा कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एक कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई है और इसके विरोध में उन्होंने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया।
देखते ही देखते दोनों दलों के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग की, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इस दौरान कई बाइकें सड़क पर गिर गईं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे भीड़ को तितर-बितर किया गया। मौके पर केंद्रीय बलों की भी तैनाती की गई, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इस घटना के पीछे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं। अभिषेक बनर्जी ने एक दिन पहले आरोप लगाया था कि भाजपा अन्य राज्यों के लोगों के नाम पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में जोड़ने की कोशिश कर रही है। वहीं ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने या निर्वाचन क्षेत्र बदलने के लिए किया जाता है। इस घटना ने आगामी चुनावों से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।