हनुमान जयंती पर मंदिर शेड गिरा, 15 घायल, लापरवाही पर उठे सवाल

Wed 01-Apr-2026,06:00 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

हनुमान जयंती पर मंदिर शेड गिरा, 15 घायल, लापरवाही पर उठे सवाल Kondagattu-Temple-Shed-Collapse-Hanuman-Jayanti-Incident
  • प्रशासन ने जांच के आदेश दिए, भविष्य में बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने और भीड़ नियंत्रण बेहतर करने पर जोर।

  • श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन पर घटिया निर्माण सामग्री और अपर्याप्त सुविधाओं का आरोप लगाया, जिससे हादसे की जांच और जवाबदेही की मांग तेज हुई।

Telangana / Hyderabad :

 Telangana News/ हनुमान जयंती के पावन अवसर पर देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसी बीच तेलंगाना के कोंडागट्टू अंजनेय स्वामी मंदिर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने उत्सव के माहौल को अचानक चिंता और अफरा-तफरी में बदल दिया। मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को तेज धूप से बचाने के लिए लगाए गए अस्थायी मंडप और जालीदार छत अचानक गिर गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई थी। इसी दौरान कमजोर संरचना वाला शेड अचानक गिर पड़ा, जिसके नीचे खड़े कई श्रद्धालु दब गए। इस हादसे में लगभग 15 लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्थायी ढांचे के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जिससे यह हादसा हुआ। श्रद्धालुओं ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

इसके अलावा, मंदिर में पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर भी नाराजगी सामने आई है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने के बावजूद प्रशासन ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे।

घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की बात भी कही गई है। फिलहाल मंदिर परिसर में स्थिति सामान्य कर दी गई है, लेकिन इस हादसे ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और प्रबंधन की गंभीर जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।