आसनसोल में हनुमान मंदिर तोड़फोड़, चुनाव से पहले सियासी बवाल तेज
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आसनसोल के काली पहाड़ी इलाके में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़, मूर्तियों के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में तनाव और आक्रोश फैल गया।
चुनाव से पहले हुई घटना ने पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक माहौल को लेकर गंभीर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।
Asansol News/ पश्चिम बंगाल के आसनसोल में एक प्राचीन हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ की घटना ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। काली पहाड़ी इलाके में मंगलवार को कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर में घुसकर हनुमान जी की मूर्ति, शिवलिंग और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और लोगों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आसनसोल दक्षिण से बीजेपी उम्मीदवार Agnimitra Paul अपने समर्थकों के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है और यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आसनसोल दक्षिण थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान जीटी रोड पर टायर जलाकर जाम लगा दिया गया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अग्निमित्रा पाल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर के आसपास सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे थे, जिससे जांच में कठिनाई हो रही है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस कार्रवाई जरूरी है।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चुनाव से पहले इस तरह की घटनाओं ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण को और तेज कर दिया है।